जयपुर, अक्टूबर 2026। विश्व बैंक ने राजस्थान में सतत शहरी परिवर्तन त्वरित (SUTRA) परियोजना के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। पहल…

जयपुर, अक्टूबर 2026। विश्व बैंक ने राजस्थान में सतत शहरी परिवर्तन त्वरित (SUTRA) परियोजना के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस पहल का उद्देश्य राजस्थान के प्रमुख शहरों में सुविधाओं का विस्तार करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और नगर निकायों की वित्तीय और प्रशासनिक क्षमताओं को मजबूत करना है। इस प्रस्तावित परियोजना की कुल अनुमानित लागत 387.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो कि ₹3,500 करोड़ से अधिक है।

विश्व बैंक द्वारा जारी नवीनतम दस्तावेज़ के अनुसार, परियोजना में कुल 32 शहरी स्थानीय निकाय शामिल होंगे। इसमें चार प्रमुख शहरी समूह-जयपुर, जोधपुर, कोटा और भरतपुर-साथ ही 28 संबद्ध उपग्रह शहर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वर्ष 2026 के लिए अनुमानित जनसंख्या 7.8 मिलियन (78 लाख) से अधिक है। यह परियोजना शहरी विकास को अधिक व्यवस्थित बनाने और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित होगी

पर्यटन, विरासत संरक्षण और शहरी परिवहन को बढ़ावा देना

परियोजना के तहत, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनरुद्धार, शहरी परिवहन और कनेक्टिविटी में सुधार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के विकास से संबंधित कार्य चार शहरी समूहों में किए जाएंगे। इन प्रयासों का उद्देश्य शहरों को अधिक सुविधाजनक और रहने योग्य बनाना, गतिशीलता में सुधार करना और पर्यटन क्षमता को बढ़ाना है। राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत एवं पर्यटन स्थलों को देखते हुए हेरिटेज जोन के विकास को परियोजना में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इन शहरों में गर्मी के बढ़ते तापमान के दौरान पानी की कमी और बारिश के मौसम में जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भी उपाय किए जाएंगे

नगर निगम की आय बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन में सुधार पर जोर

विश्व बैंक दस्तावेज़ के अनुसार, परियोजना नगर निकायों के लिए राजस्व प्रशासन और ऋण प्रबंधन में सुधार के उपायों को लागू करेगी। इसके अतिरिक्त, शहरी स्थानीय निकायों की उधार लेने की क्षमता को मजबूत करने और शहरी बुनियादी ढांचे के लिए निजी और वाणिज्यिक पूंजी जुटाने के लिए तंत्र विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

राजस्थान शहरी बुनियादी ढांचा विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) इस परियोजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम करेगी। विश्व बैंक द्वारा 10 दिसंबर तक परियोजना के तकनीकी डिजाइन की समीक्षा करने की उम्मीद है, बोर्ड की मंजूरी 2 जुलाई, 2027 तक मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना में विश्व बैंक के अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (आईबीआरडी) से 270 मिलियन डॉलर का ऋण प्रस्तावित है, साथ ही राज्य सरकार से 115.7 मिलियन डॉलर की जवाबी फंडिंग का प्रस्ताव है।