मुख्य सचिव ने चंबल नदी में अवैध रेत खनन पर अंकुश लगाने के लिए जिला कलेक्टरों और विभागों को समन्वय बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए
जयपुर, अक्टूबर 2026 : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक बुधवार को शासन सचिवालय में हुई, जिसमें चम्बल नदी में अवैध रेत खनन को रोकने और पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में संबंधित विभागों एवं जिला कलेक्टरों को प्रभावी एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये
मुख्य सचिव ने कहा कि चंबल नदी में अवैध खनन पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करना और सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को चम्बल नदी क्षेत्र में स्थापित गश्त चौकियों का नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने वैकल्पिक निर्माण सामग्री के रूप में निर्मित रेत (एम-रेत) को बढ़ावा देने वाली नीति की समीक्षा करने का भी आह्वान किया और अधिकारियों को इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
40 अति संवेदनशील स्थानों की डिजिटल निगरानी
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को चंबल नदी के किनारे 40 अति संवेदनशील स्थानों की निरंतर निगरानी की सुविधा के लिए अरण्य भवन में एक डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड स्थापित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सिस्टम को अभय कमांड सेंटर की तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए, जिससे अधिकारी इन स्थानों से लाइव फीड की निगरानी कर सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ समय पर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था की साप्ताहिक समीक्षा की जाए
उन्होंने अधिकारियों को अवैध खनन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अवैध रेत खनन में शामिल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई केवल चालान जारी करने तक सीमित न रहे। प्रत्येक मामले की प्रकृति और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर, अधिकारियों को कानून के अनुसार आरोप पत्र दाखिल करने सहित उचित कानूनी कार्यवाही शुरू करनी चाहिए।






टिप्पणियाँ 0