मुख्यमंत्री ने फ्री लाइब्रेरी, पीजी किराये, महिला सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर बातचीत की

मुख्यमंत्री ने साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी व्यवस्था में सुधार करने तथा बंद शौचालयों को पिंक टॉयलेट में बदलने के निर्देश दिये

शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा ही विकसित भारत की नींव: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली, अक्टूबर 2026 : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मंगलवार देर शाम राजधानी के प्रमुख शैक्षणिक एवं कोचिंग केंद्र मुखर्जी नगर क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और अपेक्षाओं के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान मुख्यमंत्री एक चाय की दुकान पर छात्रों के साथ बैठे, उनसे विस्तार से बातचीत की और उनके दैनिक जीवन, आवास, अध्ययन के माहौल, सुरक्षा और क्षेत्र में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं से संबंधित मुद्दों को समझा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों को विद्यार्थियों द्वारा उठायी गयी समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देने एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से शिक्षा प्राप्त करने के लिए दिल्ली आने वाले युवा राजधानी के परिवार का हिस्सा हैं और उनकी सुविधाओं, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए उचित वातावरण प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

निःशुल्क पुस्तकालय की मांग पर स्थान तलाशने के निर्देश

छात्रों ने क्षेत्र में किफायती पुस्तकालयों की कमी और मौजूदा पुस्तकालयों के बार-बार बंद होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांतिपूर्ण और अनुकूल माहौल में पढ़ाई जरूरी है, लेकिन अधिक फीस और पुस्तकालयों के संचालन में आने वाली बाधाओं के कारण छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में संचालित पुस्तकालयों की स्थिति, भवन की कमियों और सुरक्षा मानकों की जांच करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय विधायक और अधिकारियों से खाली भूखंडों और उपलब्ध सामुदायिक भवनों में उपयुक्त स्थान की पहचान करने को कहा ताकि छात्रों के लिए एक मुफ्त पुस्तकालय विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जायेगा

पीजी किराये और आवास की कमी का मुद्दा उठाया गया

बातचीत के दौरान, छात्रों ने पेइंग गेस्ट (पीजी) किराया, सुरक्षा जमा और ब्रोकरेज के रूप में उच्च खर्च का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त छात्रावास नहीं होने के कारण कई छात्रों को निजी पीजी या किराए के कमरों में रहना पड़ता है। कुछ छात्रों ने छोटे कमरे, सीमित वेंटिलेशन और आसपास चल रहे निर्माण कार्य के कारण उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी आवास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार पीजी नीति और नए छात्रावासों की उपलब्धता जैसे विषयों पर काम कर रही है ताकि छात्रों को बेहतर और व्यवस्थित आवास सुविधाएं मिल सकें। छात्रों ने पीजी में भोजन की गुणवत्ता और रहने की सुविधाओं के बारे में भी अपनी चिंताएँ साझा कीं