अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता; एक पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया, छह को एपीओ कर दिया गया और दो को उनके पदों से हटा दिया गया
आगामी त्योहारी सीजन के दौरान कानून एवं व्यवस्था चाक-चौबंद रहनी चाहिए; कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, अक्टूबर 2026 : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं और कतिपय पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही और अनुचित आचरण के मामलों को देखते हुए अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की है। उन्होंने इन घटनाओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल उनके पद से हटाने तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस महानिदेशक समेत मौजूद पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि राजस्थान परंपरागत रूप से एक शांतिपूर्ण राज्य रहा है, लेकिन पिछली सरकार के कार्यकाल में इसकी छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के तहत यह गरिमा बहाल की गई है और इसलिए, अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता को हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाना चाहिए
मंगलवार को कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है. अपराधी चाहे कोई भी हो, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले मामलों में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न बरती जाए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी और जवाबदेही तंत्र को मजबूत करने का भी आह्वान किया
माफियाओं पर पूरी तरह से नकेल कसें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खनन एवं भूमि से संबंधित विवादों की जिलावार विस्तृत सूची तैयार की जाये तथा उनके समाधान हेतु प्रभावी कार्य योजना बनायी जाये. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और राज्य सरकार किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने अधिकारियों को माफियाओं पर पूरी तरह से नकेल कसने का निर्देश दिया। उन्होंने आपराधिक घटनाओं और पुलिस आचरण से संबंधित मामलों की गहन समीक्षा करने को भी कहा
आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिस को हर छोटी घटना पर ध्यान देना चाहिए ताकि बड़ी घटनाओं को रोका जा सके. उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने प्रभार के अधीन रेंजों एवं जिलों में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिये
महिलाओं की सुरक्षा के लिए, उन्होंने निर्देश दिया कि कालिका गश्ती इकाइयों को सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए, और इन इकाइयों और स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों के बीच बातचीत सुनिश्चित की जाए ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को प्रभावी ढंग से रोकने में मदद मिल सके।






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