महाराष्ट्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ग्रेच्युटी, पेंशन, सेवानिवृत्ति की आयु और पदोन्नति सहित मांगों पर चर्चा की

मुंबई, अक्टूबर 2026: महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार सेवानिवृत्ति के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की वित्तीय सुरक्षा से संबंधित उपायों पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है, जिसमें ग्रेच्युटी का भुगतान और उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष तक बढ़ाना शामिल है।

वे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की लंबित मांगों पर चर्चा के लिए मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रही थीं। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संगठनों के प्रतिनिधि और विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे

तटकरे ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं महिलाओं और बच्चों, विशेषकर समाज के सबसे कमजोर वर्गों को शिक्षा और पोषण संबंधी सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी

तटकरे ने कहा, "ग्रेच्युटी और पेंशन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इन मामलों को सुलझाने के लिए चरणों में निर्णय लिए जाएंगे।"

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उनकी लंबी सेवा अवधि के बाद प्रदान किया जाने वाला सेवानिवृत्ति लाभ वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सरकार लागू नियमों के अनुसार लाभ बढ़ाने की संभावना की जांच करेगी

पर्यवेक्षक पदों पर पदोन्नति

तटकरे ने कहा कि पर्यवेक्षक के पद पर पात्र आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पदोन्नति के संबंध में निर्णय स्वीकृत पदों और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मौजूदा नियमों के अनुसार लिए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि जहां भी संभव हो, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके संबंधित क्षेत्रों में प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित कार्य सौंपा जाए।