Download APKAPK
होम समाचार देश राजनीति अपराध खेल धर्म मनोरंजन व्यापार टेक लाइफस्टाइल विदेश लखनऊ

यूपी में स्वाइन फ्लू का बढ़ा अलर्ट, 551 मरीजों से बढ़ी चिंता; लखनऊ में मिले 3 नए केस

🕐 30 Aug 2026, 02:20 pm• 3 min padho • Chugal Khor News
यूपी में स्वाइन फ्लू का बढ़ा अलर्ट, 551 मरीजों से बढ़ी चिंता; लखनऊ में मिले 3 नए केस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव के साथ स्वाइन फ्लू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक 551 संदिग्ध/मरीज सामने आने की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। खासतौर पर एनसीआर क्षेत्र में मामलों की संख्या अधिक बताई जा रही है। वहीं प्रदेश के छह जिलों में मरीजों की संख्या दहाई के आंकड़े तक पहुंचने की बात सामने आई है।राजधानी लखनऊ में भी स्वाइन फ्लू के तीन नए मामले सामने आए हैं। इनमें दो मरीजों का इलाज बलरामपुर अस्पताल में और एक मरीज का उपचार डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, फिलहाल तीनों मरीजों में हल्के लक्षण बताए जा रहे हैं और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

स्वाइन फ्लू के नए मामलों के सामने आने के बाद राजधानी में स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। दो मरीज बलरामपुर अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज लोहिया संस्थान में उपचाराधीन है। फिलहाल मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं बताए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही अस्पतालों में संदिग्ध मामलों की जांच और उपचार व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में स्वाइन फ्लू से जुड़े मामलों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था भी सक्रिय हो गई है। बताया जा रहा है कि एनसीआर क्षेत्र में मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इसके अलावा प्रदेश के छह जिलों में मरीजों की संख्या 10 या उससे अधिक पहुंच चुकी है।मौसम में बदलाव के दौरान वायरल और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर विशेष निगरानी कर रहा है।

उत्तर प्रदेश में इस समय स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती केवल स्वाइन फ्लू तक सीमित नहीं है। लखनऊ मंडल में डेंगू के 135 मामले सामने आने की जानकारी है। इनमें अकेले राजधानी लखनऊ में 98 मरीज बताए गए हैं।इस तरह एक तरफ स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर नजर रखनी पड़ रही है, तो दूसरी ओर डेंगू के मरीजों की संख्या भी स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दोनों बीमारियों की रोकथाम और समय पर उपचार के लिए अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखना जरूरी हो गया है।

मामलों को देखते हुए डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को जांच व्यवस्था मजबूत रखने और अस्पतालों में जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और उपचार व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है।सरकार की कोशिश है कि बीमारी के मामलों की समय रहते पहचान की जाए और जरूरत के मुताबिक मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जाए। अस्पतालों में दवाओं और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव के दौरान बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर यदि लक्षण लगातार बने रहें या स्थिति बिगड़ती महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।फिलहाल उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू और डेंगू दोनों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में संक्रमण की स्थिति और नए मामलों के आंकड़े यह तय करेंगे कि स्वास्थ्य विभाग को निगरानी और जांच व्यवस्था को किस स्तर तक बढ़ाने की जरूरत पड़ती है।

स्रोत: Filmitics

शेयर करें X / Twitter ← होम

और खबरें