लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने क…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी नौकरियों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले प्रदेश के 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। उनके मुताबिक, इस अभियान की शुरुआत 19 सितंबर से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इनमें करीब 77 हजार पद पुलिस और होमगार्ड भर्ती से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में रोजगार और सरकारी भर्ती को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि युवाओं को बिना भेदभाव और निर्धारित नियमों के तहत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
सीएम योगी ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी उनकी सरकार के कार्यकाल में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इससे पहले अगस्त में भी मुख्यमंत्री ने अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने की बात कही थी।
हालांकि अलग-अलग भर्तियों की संख्या और नियुक्ति की समयसीमा संबंधित भर्ती बोर्डों और विभागों की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए आधिकारिक विज्ञप्ति और भर्ती संस्थाओं की वेबसाइट पर जारी अपडेट देखना महत्वपूर्ण होगा।
सरकार की रोजगार संबंधी तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें 12,405 सहायक अध्यापक और 2,607 PGT पद शामिल हैं। सहायक अध्यापक पदों के लिए आवेदन 16 सितंबर से शुरू हुए हैं, जबकि PGT के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर से शुरू होने वाली है। यानी पुलिस, होमगार्ड और शिक्षा विभाग की भर्तियों के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आने वाले महीनों में कई अवसर सामने आने वाले हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नियुक्तियां बिना भेदभाव के हों और युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिले। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को लेकर पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियों में वसूली और विवाद की स्थिति रहती थी।सीएम ने दावा किया कि पहले भर्ती निकलने के बाद प्रक्रिया विवादों में फंस जाती थी, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित होता था। उन्होंने अपनी सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था को लेकर किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया।
पुलिस और होमगार्ड भर्ती इस पूरे रोजगार अभियान का अहम हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि मौजूदा समय में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया में बारिश और जलभराव के कारण बदलाव भी हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सितंबर 2026 में होमगार्ड PET से संबंधित कई अपडेट जारी किए हैं। अब युवाओं की नजर इस बात पर है कि 19 सितंबर से किन विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ती है, कितने पदों पर विज्ञापन जारी होते हैं और नियुक्ति पत्र कब तक मिलते हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार और सरकारी भर्ती निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बहस का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।





