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यूपी में अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा गरमाया, जूनियर बार एसोसिएशन ने DM के जरिए CM योगी को सौंपा ज्ञापन -

🕐 02 Sep 2026, 12:41 pm• 3 min padho • Chugal Khor News
यूपी में अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा गरमाया, जूनियर बार एसोसिएशन ने DM के जरिए CM योगी को सौंपा ज्ञापन -

उत्तर प्रदेश: प्रदेश में अधिवक्ताओं के साथ मारपीट, धमकी और हमले की बढ़ती घटनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश जूनियर बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें प्रदेश में अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने और अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को तत्काल लागू करने की मांग की गई।

एसोसिएशन ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में उनके पेशागत कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम तत्काल लागू करने की प्रमुख मांग रखी गई। एसोसिएशन का कहना है कि अधिवक्ताओं के साथ मारपीट, धमकी और हमले की घटनाओं पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि अधिवक्ताओं को बिना भय के अपने न्यायिक एवं पेशागत दायित्वों का निर्वहन करने का माहौल मिल सके।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं के पेशागत कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप और उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी मांग की गई।

एसोसिएशन ने कहा कि अधिवक्ताओं को न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े अपने कार्यों को स्वतंत्र और निर्भीक तरीके से करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश जूनियर बार एसोसिएशन ने प्रत्येक जनपद में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है।

एसोसिएशन के अनुसार, नोडल अधिकारी की व्यवस्था होने से अधिवक्ताओं से जुड़े सुरक्षा मामलों में शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जा सकेगा। गंभीर मामलों में अधिवक्ता और उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं से संबंधित मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग भी शामिल है।

एसोसिएशन का कहना है कि किसी अधिवक्ता के साथ घटना होने पर मामले की जांच में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

अधिवक्ताओं ने केवल सुरक्षा से जुड़े मुद्दे ही नहीं उठाए, बल्कि न्यायिक परिसरों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग भी की।

ज्ञापन में उच्च न्यायालय और प्रत्येक जिला कचहरी परिसर में कम से कम 100 बेड के आधुनिक अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इन अस्पतालों में अधिवक्ताओं के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप घर तिवारी ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्हें निर्भीक होकर न्यायिक कार्य करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।

उन्होंने सरकार से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की।

उत्तर प्रदेश जूनियर बार एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं की सुरक्षा, मामलों की त्वरित जांच, परिवार को सुरक्षा, नोडल अधिकारी की नियुक्ति और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी कई मांगें उठाई गई हैं।

अब अधिवक्ता संगठनों की नजर सरकार की ओर से इन मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर है। यदि अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्था लागू होती है तो इससे प्रदेश में अधिवक्ताओं के बीच सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।

स्रोत: Filmitics

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