पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार को हटाने की अपनी मांग दोबारा दोहराई है. उन्होंने उन पर SIR (स्पे…
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार को हटाने की अपनी मांग दोबारा दोहराई है. उन्होंने उन पर SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के जरिए वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम "गायब" करने का आरोप लगाते हुए उन्हें "वैनिश कुमार" नाम दिया. हुगली में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी तब तक विरोध करती रहेगी जब तक यह मुद्दा हल नहीं होने वाला. उन्होंने SIR के तहत सूची से हटाए गए वोटरों के लिए मुआवजे की मांग की. उन्होंने कहा, "वैनिश कुमार को जाना होगा; हम इस मुद्दे के लिए आखिरी दम तक विरोध करेंगे." उन्होंने आगे कहा, "SIR लिस्ट वापस आनी चाहिए; जिन लोगों के नाम लिस्ट से हटाए गए थे, सरकार उन्हें हुए नुकसान के लिए मुआवजा देना होगा."
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के तहत लिए गए फैसलों र आपत्ति जताई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, "आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बीते दस माह में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई, जो उनकी जानकारी के लिए बिना जारी किए गए थे. " चुनाव आयोग के अनुसार, आंतरिक तकनीकी नोट, लिखित सवाल और सुझाव संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा हैं. ECI ने जोर देकर कहा कि SIR प्रक्रिया से जुड़े सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते थे और उन पर तीनों आयुक्तों की मंजूरी थी
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (UBT) और वामपंथी दलों सहित विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग की आलोचना को तेज कर दिया है. उन्होंने चुनावी पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है और जवाबदेही की मांग की है. बनर्जी ने कहा, "मैंने राहुल गांधी को एक मैसेज भेजा." उन्होंने रैली में जाते समय रास्ते में रुकावट पैदा करने का भी आरोप लगाया
ममता ने कहा, "यहां पहुंचने से उन्हें जानकारी मिली कि उत्तरपारा में भारी जाम है; लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां आने से रोका जा रहा है. हमारे कार्यकर्ताओं के घरों को धमकाया और उन्हें गिरफ्तार किया. करीब 200 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. मुझे नजरबंद कर दिया गया था."




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