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3 उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है, चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच चुनावी गणित पर सबकी नजर है, इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान ने चुनाव को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है, अखिलेश ने राज्यसभा चुनाव में ‘सरप्राइज’ देने की बात कही थी। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि आखिर सपा की रणनीति क्या होगी और पार्टी कितने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।

मौजूदा चुनावी गणित में सपा के दो उम्मीदवारों के जीतने की स्थिति बनती है। इसके बावजूद पार्टी तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सपा तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त विधायकों के समर्थन और वरीयता वोटों के गणित पर निर्भर कर सकती है, सपा की ओर से प्रोफेसर रामगोपाल यादव और आलोक रंजन के नामों की चर्चा के साथ तीसरे प्रत्याशी के नाम को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, कुछ रिपोर्टों में तीसरे उम्मीदवार के लिए PDA सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखने की संभावना बताई गई है।

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उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में वर्तमान में आठ बीजेपी, एक सपा और एक बसपा के पास है, इन सभी सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं और चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व तथा सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली से होता है, मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर बीजेपी गठबंधन आठ सीटों तक पहुंचने की स्थिति में बताया जा रहा है, जबकि सपा दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जिताने की स्थिति में है। तीसरी सीट के लिए सपा को अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत होगी।

एक राज्यसभा सीट के लिए उत्तर प्रदेश में 37 विधायकों के मतों की जरूरत होगी। उपलब्ध संख्या बल के आधार पर सपा के लिए दो सीटों का गणित बनता है, जबकि तीसरे उम्मीदवार के लिए पार्टी को अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना पड़ेगा। इसी वजह से तीसरे प्रत्याशी का फैसला चुनाव में अहम माना जा रहा है, अब निगाहें सपा के आधिकारिक उम्मीदवारों और नामांकन पर हैं, तीसरे प्रत्याशी के मैदान में आने के बाद चुनावी गणित किस तरह बदलता है, यह नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ज्यादा स्पष्ट होगा, चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा, इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, राज्यसभा चुनाव के ठीक बाद उत्तर प्रदेश में 11 एमएलसी सीटों के लिए भी चुनाव होने हैं, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में चुनावी गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है।

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