Banda News: उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने आवाज बुलंद की है। बांदा जिले के बबेरू में पार्टी की प्रदेश उपाध…

Banda News: उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने आवाज बुलंद की है। बांदा जिले के बबेरू में पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में 300 से अधिक लोग एकजुट हुए। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में शराबबंदी लागू करने और अवैध नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी के लिए ठोस नीति बनाने की मांग उठाई। साथ ही जहरीली और मिलावटी शराब की बिक्री रोकने तथा गांजा, चरस और अफीम जैसे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की जरूरत पर जोर दिया।

बबेरू में आयोजित इस अभियान का नेतृत्व JDU की प्रदेश उपाध्यक्ष और बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने किया। इस दौरान 300 से अधिक लोगों के एकजुट होने की जानकारी सामने आई। प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की।

ज्ञापन के जरिए सरकार से नशे की समस्या पर गंभीरता से विचार करने और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की गई।

ज्ञापन में अवैध शराब की भट्टियों को बंद कराने और जहरीली व मिलावटी शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा, स्कूलों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास शराब की दुकानों को लेकर भी कार्रवाई की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने गांजा, चरस और अफीम जैसे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें गठित करने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए।

शालिनी सिंह पटेल के मुताबिक, नशे की बढ़ती लत महिलाओं, युवाओं और परिवारों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जानकारी देने की जरूरत बताई।

उन्होंने बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की। पार्टी का कहना है कि नशे से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

बांदा में उठी यह मांग अब राज्य सरकार के संभावित रुख को लेकर चर्चा का विषय है। हालांकि, ज्ञापन सौंपे जाने से यह स्पष्ट नहीं होता कि सरकार शराबबंदी लागू करने का निर्णय लेने जा रही है।

उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए सरकार की ओर से नीतिगत और कानूनी निर्णय आवश्यक होंगे। फिलहाल, JDU की ओर से उठाई गई मांग और ज्ञापन पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

बबेरू में हुए इस अभियान के जरिए JDU ने उत्तर प्रदेश में शराबबंदी और अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया है। प्रदर्शनकारियों ने जहरीली शराब की बिक्री रोकने, युवाओं को नशे से बचाने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की मांग की है।

अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और अवैध शराब व मादक पदार्थों के कारोबार पर नियंत्रण के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

नोट: यह खबर पार्टी की ओर से उठाई गई मांग और ज्ञापन में बताए गए मुद्दों पर आधारित है। शराबबंदी लागू करने के संबंध में सरकार की ओर से किसी निर्णय की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।