कल का मौसम, 27 सितंबर: देशभर में मानसूनी हवाओं और गहरे मौसमी बदलाव के चलते मौसम का मिजाज अचानक तल्ख हो गया है. मध्य भारत के ऊपर बने डिप्रेशन के आगे बढ़ने से मै…

कल का मौसम, 27 सितंबर: देशभर में मानसूनी हवाओं और गहरे मौसमी बदलाव के चलते मौसम का मिजाज अचानक तल्ख हो गया है. मध्य भारत के ऊपर बने डिप्रेशन के आगे बढ़ने से मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक भारी आफत की स्थिति बन रही है. मौसम विभाग ने 27 सितंबर को लेकर कई राज्यों में जोरदार बारिश, बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आंधी जैसी हवाओं का बड़ा अलर्ट जारी किया है

यह मौसमी सिस्टम अब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे खिसक रहा है, जिसका सीधा प्रभाव मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाद अब उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और बिहार पर साफ दिखने लगा है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में भी एक नई हलचल शुरू हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है

राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में रहने वाले लोगों के लिए 27 सितंबर का दिन मुश्किल भरा हो सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. अचानक आने वाले इन झोंकों से सड़कों पर पेड़ टूटने या बिजली की लाइनें प्रभावित होने का खतरा रहेगा. हालांकि 27 तारीख के बाद यहां बारिश का असर धीमा पड़ने लगेगा, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाली हवाओं की नमी वातावरण में बनी रहेगी

उत्तर प्रदेश इस मौसमी बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. मध्य प्रदेश से होकर गुजर रहा डिप्रेशन सीधा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हो रहा है. इसके चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र जैसे इलाकों में भारी जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने का जोखिम है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर और बुलंदशहर में भी घने बादलों के साथ बारिश की पूरी संभावना है. तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का डर भी किसानों और राहगीरों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है

प्रमुख शहरों का तापमान-

मध्य प्रदेश इस समय मौसमी उथल-पुथल के केंद्र में बना हुआ है. सीधी और रीवा के पास केंद्रित यह डिप्रेशन आगे बढ़ते हुए भारी नुकसान पहुंचा सकता है. रीवा, सतना, सिंगरौली, शहडोल और उमरिया में लगातार बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं. वहीं भोपाल, विदिशा और रायसेन में भी पानी बरसने का अनुमान है

Weather Systems, Forecast and Warnings :The Depressionover Northeast Madhya Pradesh & adjoining north Chhattisgarh moved north-northwestwards with a speed of 13 kmph during past 06 hours and lay centered at 0830 hrs IST of today, the 26th September 2026 over the same region,… pic.twitter.com/RPbjL0P9p1

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पहले से ही बाढ़ जैसे हालात हैं, जहां दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग का कहना है कि हवाओं की रफ्तार यहां 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जिससे कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ-साथ पहाड़ दरकने का गंभीर संकट पैदा हो गया है. उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली और नैनीताल में मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ों पर चट्टानें खिसकने और सड़कें बंद होने की आशंका है. प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक सफर से बचने की सलाह दी है. उधर हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा में भी भारी बारिश के साथ तेज अंधड़ का अंदेशा है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में भी 28 सितंबर से मौसम बिगड़ेगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है

बिहार और झारखंड में भी इस डिप्रेशन का साफ असर देखा जा रहा है. बिहार के पटना, गया, रोहतास और भोजपुर में बादलों की आवाजाही के साथ 60 किलोमीटर की रफ्तार वाले हवा के झोंके चल सकते हैं. झारखंड के रांची, धनबाद और बोकारो में भी बिजली कड़कने और मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है. पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा और बर्धमान में झमाझम बारिश होगी, जबकि उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में भारी बारिश से ढलान वाले क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है

पूर्वोत्तर के राज्यों असम और मेघालय में नई मौसमी प्रणाली के असर से 29 और 30 सितंबर को बेहद भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में तेज सतही हवाओं का दौर चलेगा. बेंगलुरु और विशाखापत्तनम समेत कई तटीय शहरों में समंदर से आने वाली नम हवाएं भारी बारिश का सबब बनेंगी. मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है. पूरे देश में मौसम का यह दोहरा प्रहार अगले कुछ दिनों तक आम जनजीवन को प्रभावित करता रहेगा