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स्वरा भास्कर के ‘पद्मावत’ वाले बयान पर विवाद, मौलाना साजिद रशीदी ने किया समर्थन; बोले- ‘बहुत अच्छी बात कही’ -

🕐 04 Sep 2026, 02:11 pm• 3 min padho • Chugal Khor News
स्वरा भास्कर के ‘पद्मावत’ वाले बयान पर विवाद, मौलाना साजिद रशीदी ने किया समर्थन; बोले- ‘बहुत अच्छी बात कही’ -

अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं, फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य को लेकर दिए गए उनके पुराने बयान पर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, जहां कुछ लोग स्वरा भास्कर को ट्रोल कर रहे हैं, वहीं ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने उनके बयान का समर्थन किया है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मौलाना साजिद रशीदी ने स्वरा भास्कर के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है, उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला रेप सर्वाइवर है और वह जिंदा रहती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह डरपोक है या उसे जीने का अधिकार नहीं है, उनके मुताबिक, महिलाओं के सामने मौजूद ऐतिहासिक और सामाजिक परिस्थितियों को अलग-अलग नजरिए से देखने की जरूरत है, मौलाना रशीदी ने इतिहास में युद्धों के दौरान महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार का उल्लेख करते हुए अपने विचार रखे और कहा कि इस मुद्दे को केवल आस्था के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

मौलाना साजिद रशीदी ने अपने बयान में अलाउद्दीन खिलजी और रतन सेन से जुड़े प्रसंग का भी उल्लेख किया, उन्होंने कहा कि इतिहास में महिलाओं को लेकर किए जाने वाले कुछ दावों पर अलग-अलग तरह की धारणाएं हैं, उन्होंने यह भी दावा किया कि मुगल काल के कई शासकों के हरम में हिंदू रानियां थीं। हालांकि, उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक दावों की स्वतंत्र ऐतिहासिक पुष्टि अलग से किए जाने की जरूरत है, मौलाना रशीदी ने कहा कि महिलाओं के जौहर या युद्धकालीन परिस्थितियों से जुड़े सवालों को धार्मिक आस्था से जोड़कर देखना उन्हें उचित नहीं लगता।

दरअसल, स्वरा भास्कर का ताजा विवाद उनके 31 अगस्त को दिए गए बयान से जुड़ा है, दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन लाइफ फ्रीडम टॉक’ कार्यक्रम के दौरान उनसे साल 2018 में फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर लिखे गए उनके खुले खत के बारे में सवाल पूछा गया था, जवाब देते हुए स्वरा ने फिल्म के जौहर दृश्य और उसके संभावित सामाजिक संदेश पर सवाल उठाया, स्वरा ने कहा कि फिल्म में करीब 800 महिलाओं को जौहर करते हुए देखने के बाद उनके मन में यह सवाल आया कि अगर वह खुद रेप सर्वाइवर होतीं, तो ऐसे दृश्य से उन्हें क्या संदेश मिलता।

स्वरा का तर्क था कि समाज को रेप सर्वाइवर्स को यह संदेश नहीं देना चाहिए कि सम्मान बचाने के लिए उन्हें अपनी जान दे देनी चाहिए, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस समाज में बलात्कार एक गंभीर समस्या है, वहां फिल्मों और कहानियों के जरिए महिलाओं को यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि उनकी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी ‘इज्जत’ है, स्वरा के इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हुई, आलोचकों ने उनके विचारों पर सवाल उठाए, जबकि उनके समर्थकों का कहना है कि अभिनेत्री ने रेप सर्वाइवर्स के जीने के अधिकार और समाज की सोच पर सवाल खड़ा किया है।

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ वर्ष 2018 में रिलीज हुई थी, फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही इतिहास, राजपूत परंपराओं और जौहर के चित्रण को लेकर विवाद हुआ था, स्वरा भास्कर ने उस समय भी फिल्म के अंत में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर आपत्ति जताई थी। अब उनके पुराने विचारों के दोबारा चर्चा में आने के बाद इस मुद्दे पर एक बार फिर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बहस छिड़ गई है, फिलहाल इस विवाद में एक ओर स्वरा भास्कर के बयान को लेकर आलोचना हो रही है, वहीं मौलाना साजिद रशीदी के समर्थन के बाद राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज हो गई है।

स्रोत: Filmitics

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