सूरत पुलिस का कहना है कि मालिक और कर्मचारी के बीच वेतन को लेकर विवाद था. इस घटना में कुछ अन्य दुकानों को भी नुक़सान पहुंचा है.

गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत में 9 सितंबर की रात एक टेक्सटाइल मार्केट में आग लग गई थी, जिसे बुझाने में फ़ायर ब्रिगेड को करीब 14 घंटे लगे थे

इस आगजनी में क़रीब 24 करोड़ रुपये के माल के नुक़सान का दावा किया जा रहा है

शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में साफ़ हुआ कि यह आग जानबूझकर लगाई गई थी

पुलिस के मुताबिक़, विनोद पंडित सावले नाम के एक व्यक्ति का अपने सेठ के साथ बकाया वेतन को लेकर विवाद था

इसी वजह से उसने श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में आग लगा दी थी

आग लगाने के बाद अभियुक्त राजस्थान और उत्तर प्रदेश भाग गया था, लेकिन आख़िरकार पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया

क्या है पूरा मामला

सूरत में 8 सितंबर की आधी रात के बाद यानी 9 सितंबर की सुबह कुंभारिया तीन रास्ते के पास स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की छठी मंजिल पर आग लग गई थी

सूरत के कपड़ा बाज़ार में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती है, क्योंकि मार्केट में बड़ी मात्रा में कपड़ा रखा होता है, जो तुरंत आग पकड़ सकता है

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इसके अलावा, कई जगहों पर बिजली के तार भी ख़तरनाक तरीक़े से लटके होते हैं

शुरुआत में माना गया था कि श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में भी आग ऐसे ही कारणों से लगी होगी

लेकिन सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच से पता चला कि एक व्यक्ति ने कपड़े के पार्सल पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर उसमें आग लगा दी थी. इसके बाद वह वहां से भाग गया

सीसीटीवी फ़ुटेज के आधार पर अभियुक्त की पहचान की गई और विनोद पंडित सावले नाम के अभियुक्त को गिरफ़्तार किया गया

पुलिस के मुताबिक़, अभियुक्त पर आरोप है कि वह मार्केट की दुकान नंबर 639, जगदंबा टेक्सटाइल के व्यापारी हनुमान प्रसाद के यहां 30 हज़ार रुपये महीने के वेतन पर अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था

नौकरी छोड़ने के बाद उसका व्यापारी के साथ विवाद हुआ था. व्यापारी ने उसके 10 हज़ार रुपये के बकाया वेतन का भुगतान करने में आनाकानी की थी

पुलिस का मानना है कि इसी वजह से व्यापारी को सबक सिखाने के लिए उसने आग लगाई

सूरत पुलिस के मुताबिक़, उन्हें शिकायत मिली है कि इस आग की वजह से करीब 24 करोड़ रुपये के माल का नुकसान हुआ है

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रात 12 बजे आग लगाई

सूरत के एडिशनल डीसीपी (क्राइम) करणराज वाघेला ने मीडिया को बताया, "विनोद पंडित सावले नाम के अभियुक्त ने नौकरी छोड़ने के बाद बकाया 10 हज़र रुपये के मामले में सेठ को सबक सिखाने के लिए आग लगाई थी."

उन्होंने दावा किया, "अभियुक्त ने डिंडोली के एक पेट्रोल पंप से 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा था और दुकान के बाहर रखे कपड़े के पार्सल पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस जलाई थी. इसके बाद अभियुक्त राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर और अयोध्या भाग गया था. आख़िरकार जब अभियुक्त सूरत लौट रहा था, तब उसे डिंडोली फ़्लावर गार्डन के पास पकड़ा गया."

उन्होंने यह भी कहा, "घटना वाले दिन अभियुक्त रात 9 बजे टेक्सटाइल मार्केट गया था और दुकान बंद होने का इंतज़ार करते हुए पांचवीं मंजिल पर बैठा रहा."

"जब सेठ दुकान बंद करके निकल गया, तब रात 12 बजे के बाद उसने आग लगा दी. अगले दिन जब अभियुक्त का नाम सामने आया तो उसने अपना मोबाइल फ़ोन बंद कर दिया और भाग गया."

आग लगने के अगले दिन सूरत म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के डिप्टी कमिश्नर धर्मेश मिस्त्री ने मीडिया को बताया था, "रात 12.50 बजे फ़ायर डिपार्टमेंट को इस आग के बारे में कॉल आया था. आग सबसे ऊपरी मंजिल पर लगी थी."

आग बुझाने में करीब 14 घंटे से ज़्यादा का समय लगा. इस दौरान उस मंजिल की सभी दुकानें जल गईं. इसके अलावा नीचे की पांचवीं मंजिल पर भी कुछ दुकानों का माल जल गया

इस घटना की जांच के दौरान सीसीटीवी फ़ुटेज में दिखा कि मुंह पर रुमाल बांधे एक व्यक्ति कपड़े के पार्सल पर कुछ छिड़क रहा है और फिर उसमें आग लगा रहा है

इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी. बाद में सावले की पहचान हुई

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सेठ की बार-बार डांट से नाराज था

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पुलिस के मुताबिक़, विनोद सावले जिस व्यापारी के यहां काम करते थे, वह उनकी हर बात में ग़लती निकालकर उसे डांटता था. इसलिए उसने एक महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी

पुलिस के अनुसार, "लेकिन उनके 10 हज़ार रुपये का वेतन बकाया था. उन्होंने व्यापारी से पैसे लेने के लिए कई बार फ़ोन किया और आमने-सामने मुलाकात भी की, लेकिन व्यापारी ने उसे धक्के दिए थे."

"इसलिए उसने दुकान के बाहर रखे कपड़े के पार्सल जलाकर व्यापारी को सबक सिखाने के लिए यह कदम उठाया था."

एडिशनल डीसीपी (क्राइम) करणराज वाघेला ने बताया, "माल में आग लगाने के बाद विनोद सावले वहां से निकल गया और अपनी मोटरसाइकिल से फ़रार हो गया."

"वह अपने घर जाने के बजाय राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अयोध्या गया था और रविवार रात सूरत लौट आया था. इसी दौरान पुलिस टीम को मिली सूचना के आधार पर उसे डिंडोली इलाके से पकड़ा गया."

इस मामले में अभियुक्त विनोद पंडित सावले या उसके परिवार से संपर्क नहीं हो सका है