Uttarakhand News: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। SIR के बाद मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस…
Uttarakhand News: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। SIR के बाद मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है और लंबे समय से मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया होती रही है। उन्होंने कहा कि देश नियम-कानून और संविधान के अनुसार चलेगा, किसी की जोर-जबरदस्ती से नहीं।उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी SIR-2026 से संबंधित ड्राफ्ट रोल, ASD मतदाता सूची, प्रेस नोट और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि SIR प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। उनके मुताबिक मतदाता सूचियों को अपडेट करने की प्रक्रिया पहले भी होती रही है।
उन्होंने कहा कि देश में सभी व्यवस्थाएं संविधान और कानून के अनुसार चलती हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।हालिया प्रेस वार्ता में धामी ने यह भी कहा था कि लोकतंत्र में सवाल पूछे जा सकते हैं, लेकिन किसी आपत्ति या आंतरिक टिप्पणी को अंतिम संस्थागत निर्णय मानने से पहले पूरा रिकॉर्ड देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब पार्टी चुनाव जीतती है तो उसे व्यवस्था ठीक लगती है, लेकिन चुनाव में हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं।धामी ने कांग्रेस के चुनाव आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की आलोचना करते हुए कहा कि न्यायालय और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को भी सवालों के घेरे में खड़ा करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है।हालांकि, SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उत्तराखंड में SIR के दौरान मतदाता सूची में बड़ी संख्या में बदलाव को लेकर विपक्ष की ओर से आपत्तियां भी सामने आई थीं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश नियम-कानून और संविधान के अनुसार चलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड को देखना चाहिए।उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से अलग पोर्टल और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें ड्राफ्ट रोल, अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची समेत अन्य जानकारियां शामिल हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पूर्व CDS जनरल बिपिन रावत से जुड़े बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की ओर से दिए गए कुछ बयानों पर आपत्ति जताई और उनकी निंदा की।अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी के बयान पर धामी की प्रतिक्रिया सितंबर 2026 में भी सामने आई थी, जब उन्होंने राजनीतिक विरोध के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यक्तित्वों के प्रति भाषा को लेकर कांग्रेस की आलोचना की थी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से की गई कथित टिप्पणियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के बावजूद नेताओं और उनके परिवारों को लेकर भाषा की मर्यादा बनाए रखी जानी चाहिए।धामी ने कांग्रेस पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह विभिन्न मुद्दों पर केवल विरोध के लिए विरोध कर रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार ऐसे मुद्दे उठा रही है, जिनसे लोगों में भ्रम पैदा हो सकता है। वहीं कांग्रेस SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपने सवाल लगातार उठाती रही है।
उत्तराखंड में SIR-2026 से संबंधित आधिकारिक जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। कार्यालय ने SIR से जुड़े प्रेस नोट, ड्राफ्ट रोल और अन्य चुनावी दस्तावेज जारी किए हैं।SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी बहस के बीच मतदाता सूची में नाम की स्थिति और पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण बने हुए हैं।






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