लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में SIR को लेकर जारी सियासी बहस के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। मुख…
लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में SIR को लेकर जारी सियासी बहस के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों के लिए विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है।रविवार को सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश में पहले भी कई बार मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की ओर से भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 के जरिए नाम जुड़वाने की व्यवस्था है।योगी ने चुनावी नतीजों को लेकर विपक्ष की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो इसे अपनी राजनीतिक सफलता बताता है, लेकिन हार होने पर चुनाव आयोग और ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया जाता है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने की बात कही।मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग समेत विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश में दिए गए बयानों और ईवीएम को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गलत संदेश जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने 1975 के आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा दौर में भी विपक्ष की ओर से इसी तरह की गैरजिम्मेदाराना राजनीति की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और असहमति के लिए पर्याप्त स्थान है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार स्वीकार्य नहीं हो सकते। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से SIR को लेकर अपनी आपत्तियों और बयानबाजी पर पुनर्विचार करने की अपील की।सीएम योगी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर किसी भी वास्तविक समस्या का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से जनता और संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगने की मांग भी की।
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