Download APKAPK
होम समाचार देश राजनीति अपराध खेल धर्म मनोरंजन व्यापार टेक लाइफस्टाइल विदेश लखनऊ

शुद्धीकरण विवाद: राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दर्ज हुई एफ़आईआर, जानिए क्या है मामला?

🕐 31 Aug 2026, 01:11 pm• 6 min padho • Chugal Khor News
शुद्धीकरण विवाद: राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दर्ज हुई एफ़आईआर, जानिए क्या है मामला?

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 'शुद्धीकरण' कराने वालों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज ना करते हुए राहुल गांधी पर एफ़आईआर दर्ज कराना बीजेपी के दलित विरोधी चेहरे को दिखा…

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद शुरू हुआ 'शुद्धीकरण' विवाद अब लोकसभा में नेता, प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर तक पहुंच गया है

हल्द्वानी सिटी कोतवाली पुलिस ने 30 अगस्त की रात राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया

शिकायत अमित कुमार नाम के व्यक्ति ने की है, जो वाल्मीकि समुदाय से हैं और ख़ुद को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़ा बताते हैं

पुलिस के मुताबिक़ मामले की जांच डीएसपी अमित कुमार को सौंपी गई है

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 'शुद्धीकरण' कराने वालों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर ना करके राहुल गांधी पर एफ़आईआर दर्ज कराना बीजेपी के दलित विरोधी चेहरे को दिखाता है. वहीं बीजेपी ने कहा है कि राहुल गांधी ने एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग देकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है

क्या है एफ़आईआर में

एफ़आईआर में आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी में हुए 'शुद्धीकरण' कार्यक्रम को छुआछूत और दलितों के ख़िलाफ़ भेदभाव के तौर पर पेश किया. शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं, क्योंकि उसके मुताबिक़ उस सफ़ाई और हवन में अनुसूचित जाति के लोग भी शामिल थे

मामला आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की एक रैली से जुड़ा है

शिकायतकर्ता का दावा है कि रैली के बाद वहां गंदगी और शराब की बोतलें मिली थीं. इसके बाद 11 अगस्त को स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता (अमित कुमार, जो वाल्मीकि/दलित समाज से हैं) ने मैदान की सफाई और वहां धार्मिक अनुष्ठान कराया था

पेशाब करने के बाद फिर से बूंद-बूंद टपकना, किस बीमारी के लक्षण और क्या है इलाज

ट्रंप ने खार्ग हमले का एआई-जनरेटेड वीडियो जारी किया

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने किसे कहा 'मुसलमानों का असली दुश्मन'

आमिर ख़ान, सलमान ख़ान, राहुल गांधी और सीजेपी पर क्या-क्या बोले सोनम वांगचुक

शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस सफाई और हवन को बिना सच्चाई जाने "छुआछूत" और "दलित विरोधी अपराध" बता दिया. शिकायतकर्ता के मुताबिक, खुद दलित समाज से होने के बावजूद इस बयान की वजह से उन्हें और उनके साथियों को समाज में नीचा दिखाया जा रहा है, धमकियां मिल रही हैं और दो वर्गों के बीच नफ़रत फैलाने की कोशिश की गई है. फ़िलहाल पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

राहुल गांधी पर एससी/एसटी एक्ट (धारा 3(1)) और भारतीय न्याय संहिता 2023 (धारा 196, 299, 197(1)(c), 353) के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां

राहुल गांधी पर एफ़आईआर दर्ज होने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है

सचिन पायलट ने एक्स पर लिखा, "हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे जी के भाषण के बाद सभास्थल के हुए शुद्धीकरण के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन आज तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई. वहीं, विडंबना देखिए- इस मुद्दे को छुआछूत और भेदभाव से जोड़कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने इसे दलित समाज का अपमान बताया, तो उन्हीं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज हो गई."

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 'दलित विरोधी' क़रार दिया

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने लिखा, "जिस व्यक्ति के ख़िलाफ़ बीजेपी ने देश भर में 40-50 केस करा दिए हैं, उनके ख़िलाफ़ एक और एफ़आईआर हो भी गई तो कौनसा आसमान सर पर टूट पड़ा? असली मुद्दा राहुल जी के ख़िलाफ़ हुई एफ़आईआर नहीं है. असली मुद्दा 'शुद्धीकरण' का है. बीजेपी और उत्तराखंड सरकार की नीयत देखिए. जिस व्यक्ति ने शुद्धीकरण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई, उनके ख़िलाफ़ तो तुरंत एफ़आईआर कर दी. लेकिन जिन लोगों ने शुद्धीकरण किया और करवाया, उनके ख़िलाफ़ अब तक एक एफ़आईआर तक नहीं हुई."

क्या है मामला

मामला 8 अगस्त से शुरू होता है

उस दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था. यह रैली उत्तराखंड में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के सिलसिले में थी

इसके बाद, 11 अगस्त को, श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े लोगों ने वहां 'शुद्धीकरण हवन' किया

कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्यक्रम खड़गे के दलित होने की वजह से किया गया और उनके भाषण वाली जगह को 'शुद्ध' करना दरअसल छुआछूत की मानसिकता को दिखाता है

29 अगस्त को राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को फिर उठाया

उन्होंने कहा कि खड़गे के साथ जो हुआ, वह छुआछूत है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि इस मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज कराई जाए

उन्होंने इसे बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि संविधान छुआछूत को अपराध मानता है. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश के इतने वरिष्ठ दलित नेता के साथ ऐसा हो सकता है तो आम दलितों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा

यानी 29 अगस्त को राहुल गांधी जिस मामले में दूसरों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की मांग कर रहे थे, उसी विवाद में अगले दिन उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज हो गई

खड़गे ने संसद में क्या कहा था

13 अगस्त को राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने ख़ुद इस मुद्दे को उठाया

खड़गे के मुताबिक़ उनके भाषण के बाद उस मंच का 'शुद्धीकरण' किया गया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना से ऐसा महसूस हुआ जैसे उन्हें छुआछूत का सामना करना पड़ा हो

खड़गे ने कहा था कि रैली में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और उन्होंने अपने भाषण में किसी जाति या धर्म का नाम नहीं लिया था. इसके बावजूद उनके जाने के बाद मंच पर हवन किया गया

इसके बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी

उन्होंने कहा था कि बीजेपी इस तरह की किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करती और इस घटना की जांच कराई जाएगी

उन्होंने कहा था कि अगर ऐसी घटना हुई है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है

बीजेपी क्या कह रही है

बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस घटना को जातिगत रंग देकर राजनीतिक फ़ायदा उठाना चाहती है

बीजेपी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के दलितों के प्रति रवैये पर सवाल उठाए

राहुल गांधी पर एफ़आईआर दर्ज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता और बिहार, बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "राहुल गांधी ने सफ़ाई और धार्मिक अनुष्ठान को अस्पृश्यता और दलितों के ख़िलाफ़ बताकर ग़लत मोड़ देने की कोशिश की. उन्होंने ग़लत नैरेटिव सेट करना चाहा जिससे वाल्मीकि समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं."

वहीं कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, "राहुल गांधी को यह मुद्दा अब जाकर याद आया है, जबकि मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने इस घटना का ज़िक्र 15-20 दिन पहले ही किया था. उसी दिन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी ने साफ़ तौर पर कहा था कि इसमें बीजेपी या संघ परिवार का कोई व्यक्ति शामिल नहीं था. राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर नड्डा जी ने इस दावे का बाक़ायदा खंडन किया था

जब मल्लिकार्जुन खड़गे साहब ने इस घटना पर गहरा दुख जताया था, तब राहुल गांधी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. अब अचानक उन्हें यह मुद्दा याद आ गया है. बीजेपी या बीजेपी के किसी कार्यकर्ता का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. यह बिल्कुल साफ़ है कि वहां जो कुछ हुआ, उससे हमारा कोई संबंध या किसी तरह का लिंक नहीं है. इसके बावजूद राहुल गांधी इस तरह का ड्रामा करते जा रहे हैं."

स्रोत: BBC News हिन्दी

शेयर करें X / Twitter ← होम

और खबरें