मस्जिद ढहाए जाने की घटना का जायजा लेने सहारनपुर जा रहे थे अजय राय
लखनऊ। सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक पुरानी मस्जिद को प्रशासन द्वारा बुलडोजर से ढहाए जाने की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के मुताबिक, घटना की जमीनी स्थिति का जायजा लेने सहारनपुर जा रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने लखनऊ में ही गिरफ्तार कर लिया।कांग्रेस का आरोप है कि अजय राय सहारनपुर जाकर मौके की स्थिति का जायजा लेने और स्थानीय लोगों से बातचीत करने वाले थे। इसी दौरान लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय से निकलते समय पुलिस ने उन्हें रोक लिया और गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया तानाशाही
कांग्रेस ने अजय राय की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। पार्टी का कहना है कि सरकार सच्चाई सामने आने और विपक्ष की आवाज से घबरा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से घटना का जायजा लेने जा रहे पार्टी नेताओं को भी जबरन रोका जा रहा है।कांग्रेस के अनुसार, यह कार्रवाई भाजपा सरकार के कथित दमनकारी रवैये को दर्शाती है। पार्टी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के हौसले कम नहीं होंगे और पार्टी जनता की आवाज उठाती रहेगी।
अजय राय के साथ ये नेता भी गिरफ्तार
कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अजय राय के साथ मौलाना इस्लाही, प्रवक्ता असीम वकार, रुद्र दमन सिंह ‘बबलू’, लल्लन कुमार, राजेश जायसवाल, बद्री विशाल तिवारी और सलीम अख्तर भी शामिल रहे।कांग्रेस ने कहा कि सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने की घटना को लेकर पार्टी लगातार सवाल उठाती रहेगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को मौके पर जाने से रोककर वास्तविक स्थिति को सामने आने से रोकना चाहती है। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने और प्रभावित लोगों से मिलने का अधिकार है।कांग्रेस ने अजय राय की गिरफ्तारी को “लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश” बताते हुए सरकार के रवैये की आलोचना की और कहा कि पार्टी आगे भी इस मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाएगी।





