सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ की नकली करेंसी का मामला: NIA ने दो और मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार के रूप में हुई है. NIA के मुताबिक, दोनों पहले गिरफ्तार किए जा चुके मुख्य आरोपी आदेश चौधरी के करीबी सहयोगी हैं और नकली नोटों को बैंक की करेंसी चेस्ट के जरिए सर्कुलेट करने की साजिश में अहम भूमिका निभा रहे थे
NIA के अनुसार, मुकेश कुमार, सोम प्रकाश का पुत्र है और सहारनपुर जिले के मनोहरपुर थाना सदर क्षेत्र के गांव हसनपुर कदीम का रहने वाला है. वहीं राजेंद्र कुमार, प्यारे लाल का पुत्र है और सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर का निवासी है
यह मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया, जब सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को पंजाब नेशनल बैंक की सिविल लाइंस स्थित करेंसी चेस्ट से बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने की विश्वसनीय सूचना मिली. जांच के दौरान करेंसी नोटों का कुल फेस वैल्यू करीब 17.29 करोड़ रुपये पाया गया
प्रारंभिक जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी. इसके बाद बैंक की ओर से तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था
मामले में सहारनपुर के सदर बाजार थाने में FIR नंबर 0431/2026 दर्ज की गई थी. यह FIR 29 अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई थी
इसके बाद मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने हाथ में लिया और 3 सितंबर 2026 को इसे NIA ने दोबारा दर्ज किया. मामला RC-02/2026/NIA/LKW के तहत जांच के अधीन है
NIA इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इससे पहले 7 सितंबर को FIR में नामजद आरोपी अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 15 सितंबर को आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया था
अब मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के साथ जांच एजेंसी नकली नोटों की सप्लाई, बैंक करेंसी चेस्ट में उनकी पहुंच और पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है
NIA के मुताबिक, जांच अभी जारी है. एजेंसी का लक्ष्य नकली करेंसी को बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाने और उसके सर्कुलेशन से जुड़ी पूरी आपराधिक साजिश का खुलासा करना है. इसके साथ ही मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों और संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं
स्रोत: NewsNationTV
