Navratri 2026 Date:सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का खास महत्व होता है. इस दौरान दुर्गा माता के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं…
Navratri 2026 Date:सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का खास महत्व होता है. इस दौरान दुर्गा माता के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं. नवरात्रि का प्रारंभ घटस्थापना से होती है. साल में चार नवरात्रियां आती हैं- दो सामान्य नवरात्रि और फिर दो गुप्त नवरात्रि हैं. साल की तीन नवरात्रियां हो चुकी हैं और अब अंतिम नवरात्रि मनाई जाएगी. इसे शारदीय नवरात्रि कहते हैं. शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में आते हैं. इंगलिश कैलेंडर के मुताबिक, सिंतबर और अक्टूबर के महीने में शारदीय नवरात्र होते हैं. चलिए जानते हैं इस साल शारदीय नवरात्रि 2026 का प्रारंभ कब होने वाला है
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होने वाली है. इस दिन प्रतिपदा तिथि होती है, जब घटस्थापना की जाएगी. नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा करते हैं. शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में दुर्गा मां के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं. सभी 9 दिनों में अलग-अलग देवियों की पूजा करते हैं. घरों और मंदिरों में खासतौर पर इन दिनों दुर्गा मां की पूजा की जाती है. नवरात्रि में दुर्गा माता के विशेष पंडालों का भी निर्माण किया जाता है
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन पर यानी की 11 अक्टूबर 2026 रविवार को घटस्थापना होगी. घटस्थापना यानी कलश स्थापना भी इसी दिन होता है. यह नवरात्रि का मुख्य अनुष्ठान माना जाता है. पंचांग के अनुसार, घटस्थापना के लिए सुबह का मुहूर्त करीब 6 बजकर 19 मिनट से शुरू होगा और 10 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगा
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ- 10 अक्टूबर 2026 को रात 09:19
प्रतिपदा तिथि समाप्त-11अक्टूबर 2026 को रात 09:30 बजे समापन होगा
घटस्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 37 मिनट से लेकर दोपहर 12:24 तक. इसके लिए आपको 47 मिनट का समय मिलेगा
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:30 से लेकर सुबह 05 बजकर 19 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:37 से लेकर सुबह 12 बजकर 24 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:53 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 17 मिनट तक
अमृत काल- दोपहर 03:55 से लेकर शाम 05:34 मिनट तक
द्विपुष्कर योग- रात 09:30 से लेकर रात 10 बजकर 32 मिनट तक
वहीं, इस दिन राहुकाल 4 बजकर 25 मिनट से लेकर 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा
शारदीय नवरात्रि 2026 में दुर्गा अष्टमी 19 अक्टूबर को है. इस दिन मां महागौरी की पूजा करते हैं. इस दिन कई घरों में अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है और हवन करते हैं
साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की महानवमी भी 19 अक्टूबर को है. इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं. यह नवरात्रि का समापन दिन होता है. भक्त विशेष पूजा और हवन इस दिन भी किया जाता है और कन्या पूजन भी होता है
पंचांग के अनुसार, दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को मंगलवार के दिन है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान राम की रावण पर विजय हुई थी और उनका अंत किया गया था. इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न भी मनाया जाता है. दशहरे के दिन देश के अमूमन सभी राज्यों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाए जाते हैं. फिर इनका दहन किया जाता है. शारदीय नवरात्रि के दौरान कई जगहों पर रामलीला का आयोजन भी होता है, जो दशहरे के साथ रावण दहन पर समाप्त होता है
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)






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