Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पटाखों में हुए जोरदार विस्फोट से इलाके में दहशत फैल गई। शहर कोतवाली क्षेत्र के अहियारायपुर स्थित रायपुर मोहल्ले मे…
Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पटाखों में हुए जोरदार विस्फोट से इलाके में दहशत फैल गई। शहर कोतवाली क्षेत्र के अहियारायपुर स्थित रायपुर मोहल्ले में हुए इस धमाके के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर करीब 25 किलो पटाखे बरामद किए गए हैं। घटना के बाद आसपास के मकानों को हुए नुकसान और घनी आबादी में पटाखों के भंडारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
16 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना में कई तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने की जानकारी सामने आई। स्थानीय रिपोर्टों में करीब 12 मकानों के प्रभावित होने की बात कही गई है। कुछ रिपोर्टों में पास स्थित मस्जिद को भी नुकसान पहुंचने का उल्लेख है। हालांकि, इमारतों को हुए नुकसान की अंतिम स्थिति आधिकारिक आकलन से स्पष्ट होगी।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे रायबरेली के अहियारायपुर स्थित रायपुर मोहल्ले में एक मकान में रखे पटाखों में विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शुरुआती रिपोर्टों में एक के बाद एक चार से पांच तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने का जिक्र किया गया। विस्फोट की तीव्रता के कारण आसपास के मकानों में भी नुकसान होने की खबर सामने आई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। पुलिस की जांच में पटाखों के भंडारण और विस्फोट की परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं पर ध्यान दिया गया।
रायबरेली पटाखा विस्फोट के बाद आसपास के करीब 12 मकानों के प्रभावित होने की खबर सामने आई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कुछ घरों की दीवारों में दरारें आईं, प्लास्टर उखड़ गया और खिड़कियों व दरवाजों को नुकसान पहुंचा। कुछ मकानों में घरेलू सामान भी प्रभावित होने की जानकारी दी गई।
पास स्थित मस्जिद को नुकसान पहुंचने की खबरें भी प्रकाशित हुईं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में नुकसान की सीमा को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई थीं। ऐसे में प्रभावित मकानों की सटीक संख्या और मस्जिद सहित अन्य इमारतों की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही की जानी चाहिए।
घटना के संबंध में 17 अक्टूबर को प्रकाशित कुछ रिपोर्टों में दो लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। इनमें मस्जिद के करीब 60 वर्षीय खजांची जहीर मास्टर और एक महिला का उल्लेख किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, जहीर मास्टर को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआती खबरों में हताहतों को लेकर अलग जानकारी भी सामने आई थी। इसलिए घायलों की स्थिति और संख्या के संबंध में आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।
पटाखा विस्फोट मामले में पुलिस ने रामकेश उर्फ गोलर को गिरफ्तार किया है। 18 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ बिना लाइसेंस पटाखों के भंडारण से संबंधित कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी के घर के पास मवेशी बांधने की जगह पर पटाखे रखे होने की जानकारी सामने आई। आरोपी की निशानदेही पर करीब 25 किलो पटाखे बरामद किए गए।
बरामद पटाखों में 20 सुतली बम, अनार और चकरगिन्नी जैसे पटाखे शामिल होने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। त्रिपुला चौकी प्रभारी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने पटाखे लखनऊ के काकोरी से लाने की बात कही। पटाखों के स्रोत, भंडारण की वैधता और घटना की परिस्थितियों से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान की छत पर रखे पटाखों में आग लगने के बाद विस्फोट हुआ था। मकान से जुड़े लोगों की ओर से कथित तौर पर बताया गया कि पिछले साल के बचे पटाखों को दीपावली के लिए सुखाने के उद्देश्य से छत पर रखा गया था।
वहीं, बाद की पुलिस कार्रवाई में बिना लाइसेंस पटाखों के भंडारण से जुड़ा मामला सामने आया। ऐसे में जांच के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि पटाखे कहां रखे गए थे, उनकी मात्रा कितनी थी और उन्हें रखने के लिए आवश्यक अनुमति मौजूद थी या नहीं।
घनी आबादी में पटाखों का असुरक्षित भंडारण आसपास रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इस घटना के बाद सुरक्षा नियमों के पालन और पटाखों के भंडारण की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद CCTV फुटेज को लेकर भी चर्चा सामने आई। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी में धमाके के बाद लोगों के घरों से बाहर निकलने और इलाके में अफरा-तफरी का उल्लेख किया गया।
हालांकि, फुटेज की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई देने वाली गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकी है। इसलिए CCTV से जुड़े दावों की पुष्टि पुलिस या मूल फुटेज के आधार पर किया जाना जरूरी है।
रायबरेली में हुए इस विस्फोट ने घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखों के सुरक्षित भंडारण का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरों के बाद स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
जांच के दौरान पटाखों के स्रोत, उनकी मात्रा, भंडारण की अनुमति और विस्फोट के वास्तविक कारण का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही प्रभावित मकानों और मस्जिद को हुए नुकसान का आधिकारिक आकलन भी जरूरी है।






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