उत्तरकाशी News: पटुड़ी से बग्यालगांव धनारी तक बने मोटर मार्ग से प्रभावित किसानों ने वर्षों से लंबित भूमि मुआवजे के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तराखंड…
उत्तरकाशी News: पटुड़ी से बग्यालगांव धनारी तक बने मोटर मार्ग से प्रभावित किसानों ने वर्षों से लंबित भूमि मुआवजे के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को ज्ञापन सौंपा। जनपद के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्य सचिव के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी मांग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाई और प्रभावित भूमि का मुआवजा जल्द दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य पूरा हुए करीब चार से पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण के दौरान कृषि भूमि के कटान और दबान से हुए नुकसान का मुआवजा अब तक प्रभावित काश्तकारों को नहीं मिला है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि पटुड़ी से ग्राम बग्यालगांव धनारी तक मोटर मार्ग का निर्माण लगभग चार से पांच वर्ष पहले पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण के दौरान बग्यालगांव, कलिगांव और ग्राम सभा ईड धनारी के कई ग्रामीणों की कृषि भूमि प्रभावित हुई थी।
ग्रामीणों के मुताबिक, भूमि के कटान और दबान के एवज में मिलने वाला मुआवजा अभी तक लंबित है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि लंबे समय से वे संबंधित विभाग और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखते आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुआवजे के संबंध में अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग उत्तरकाशी को कई बार मौखिक और लिखित रूप से जानकारी दी गई। इसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
मुआवजा लंबित रहने से प्रभावित परिवारों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने मुख्य सचिव से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।
स्थानीय निवासी नत्थी सिंह रावत ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान किसानों की उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुंचा था। उनके अनुसार, करीब पांच वर्ष बीतने के बाद भी प्रभावित किसानों को उनका वैधानिक मुआवजा नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण लगातार प्रशासन और संबंधित विभाग से अपनी मांग रखते रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। नत्थी सिंह रावत के मुताबिक, प्रभावित काश्तकार अब और इंतजार करने की स्थिति में नहीं हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द लंबित मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया तो धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू किया जा सकता है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आगामी चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लेने पर भी ग्रामीण विचार कर सकते हैं।
हालांकि, यह ग्रामीणों की ओर से दी गई चेतावनी है और आगे की कार्रवाई प्रशासन स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ग्राम सभा कलिगांव और ग्राम सभा ईड धनारी के प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मुख्य सचिव के संज्ञान में मामला आने के बाद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से जल्द कार्रवाई होगी और प्रभावित काश्तकारों को उनका लंबित मुआवजा मिल सकेगा।
ग्रामीणों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी भेजी है। इनमें शामिल हैं:
ग्रामीणों की मुख्य मांग सड़क निर्माण से प्रभावित कृषि भूमि के कटान और दबान का लंबित मुआवजा शीघ्र जारी करना है। प्रभावित किसानों का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने के कई वर्ष बाद भी भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद ग्रामीणों को प्रशासन से कार्रवाई और मुआवजा भुगतान की उम्मीद है।






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