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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में बदली भर्ती प्रक्रिया, योग्यता बनी चयन का आधार नवचयनित अधिकारियों से मिले सीएम योगी -

🕐 01 Sep 2026, 05:51 pm• 3 min padho • Chugal Khor News
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में बदली भर्ती प्रक्रिया, योग्यता बनी चयन का आधार नवचयनित अधिकारियों से मिले सीएम योगी -

लखनऊ, 1 सितंबर। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समूह ‘ख’ के अधिकारियों की लंबे समय बाद नियमित भर्ती पूरी हो गई है। नवचयनित 40 अधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता के साथ योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में बदली गई भर्ती प्रक्रिया इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी सीधे प्रदेश के पर्यावरण और लोगों के स्वस्थ जीवन से जुड़ी है। ऐसे में नवचयनित अधिकारी अपनी तकनीकी दक्षता का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ करें।

उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के साथ विभागीय कार्यप्रणाली और मैदानी स्तर की चुनौतियों को समझने के निर्देश दिए।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समूह ‘ख’ के कुल 40 अधिकारियों का चयन किया गया है। इनमें 26 सहायक पर्यावरण अभियंता और 14 सहायक वैज्ञानिक अधिकारी शामिल हैं। चयनित अधिकारियों में 21 विभिन्न आईआईटी से शिक्षित हैं, जबकि अन्य अधिकारियों ने देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। चयनित 40 अधिकारियों में 8 महिलाएं भी शामिल हैं।इस भर्ती की सबसे खास बात चयन प्रक्रिया में किया गया बदलाव है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बोर्ड में समूह ‘ख’ के अधिकारियों की भर्ती व्यवस्था में संशोधन किया गया। पहले इन पदों पर भर्ती मुख्य रूप से साक्षात्कार के आधार पर होती थी। पुरानी विनियमावली, 1995 में संशोधन कर अब चयन के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की द्विस्तरीय व्यवस्था लागू की गई। नई व्यवस्था के तहत लिखित परीक्षा को 85 प्रतिशत और साक्षात्कार को 15 प्रतिशत अंक का वेटेज दिया गया। इससे चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता को प्रमुख आधार बनाया गया और भर्ती में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

संशोधित विनियमावली के बाद 27 फरवरी 2026 को 26 सहायक पर्यावरण अभियंता और 14 सहायक वैज्ञानिक अधिकारी पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया। 27 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न शहरों में एक साथ लिखित परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा का आयोजन आईआईटी कानपुर के माध्यम से कराया गया। लिखित परीक्षा का परिणाम 8 जून को घोषित किया गया।इसके बाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की अध्यक्षता में चार साक्षात्कार पैनल गठित किए गए। इन पैनलों में विभिन्न आईआईटी और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया। 4 जुलाई को साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हुई और 8 जुलाई को अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया।सरकार ने नवचयनित अधिकारियों को सीधे क्षेत्र में तैनाती देने के बजाय पहले प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों के लिए एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसके तहत एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आईआईएम लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों की नियमित भर्ती और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यक्षमता मजबूत होगी। इससे प्रदूषण की निगरानी, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और मैदानी स्तर पर होने वाली कार्रवाई को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित अधिकारियों से अपनी विशेषज्ञता और तकनीकी ज्ञान का उपयोग प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ करने का आह्वान किया।

स्रोत: Filmitics

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