पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार का ‘BIG 5’ एक्शन प्लान, जानिए क्या है रणनीति
पुलिस कार्रवाई के साथ रोकथाम, जनभागीदारी और इलाज पर फोकस
पंजाब में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहा ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान अब पांच सूत्रीय रणनीति यानी ‘BIG 5’ एक्शन प्लान के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इस रणनीति में नशे की सप्लाई चेन पर कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम, युवाओं की भागीदारी, सामुदायिक निगरानी और इलाज-पुनर्वास को शामिल किया गया है।
BIG 5 रणनीति के पहले हिस्से में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 से सितंबर 2026 के बीच एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 61 हजार से ज्यादा FIR दर्ज कीं और 81 हजार से अधिक गिरफ्तारियां कीं।
दूसरे हिस्से में स्कूलों और शिक्षकों को नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान से जोड़ा गया है। करीब 3,600 स्कूलों में 7.5 लाख विद्यार्थियों को नशा-विरोधी पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को नशे के खतरों के बारे में शुरुआती स्तर से जागरूक करना है।
तीसरे मोर्चे पर युवाओं को खेल, संस्कृति और जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों में शामिल करने की रणनीति है। इसके जरिए युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और नशे से दूर रखने पर फोकस किया जा रहा है।
चौथे हिस्से में स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। गांवों और वार्डों में सामुदायिक निगरानी को मजबूत करने पर जोर है, ताकि नशे से जुड़ी गतिविधियों की पहचान और रोकथाम में स्थानीय समुदाय की भूमिका बढ़ सके।
BIG 5 एक्शन प्लान के पांचवें हिस्से में नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के इलाज और पुनर्वास सुविधाओं के विस्तार को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में सैकड़ों उपचार और पुनर्वास केंद्र संचालित हो रहे हैं।
पंजाब सरकार की इस पांच सूत्रीय रणनीति में नशे के खिलाफ सिर्फ पुलिस कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय रोकथाम, जागरूकता, जनभागीदारी और इलाज को भी साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यानी ‘BIG 5’ के जरिए नशे की सप्लाई रोकने से लेकर युवाओं को जागरूक करने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास तक, अलग-अलग स्तरों पर कार्रवाई का मॉडल तैयार किया गया है।






टिप्पणियाँ 0