PDA में पासी समाज की भागीदारी कहां?' सूरज पासी ने सपा से पूछा सवाल, बोले- शराब छोड़ो, शिक्षा से जुड़ो -

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पासी समाज की भागीदारी और ऐतिहासिक पहचान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और भगवान शिव मंदिर के संरक्षण की मांग को लेकर लाखन आर्मी का जनजागरण अभियान जारी है। इसी क्रम में लखीमपुर खीरी की पलिया विधानसभा में लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी की PDA राजनीति पर सवाल उठाने के साथ ही पासी समाज से शिक्षा को अपनाने, नशे से दूर रहने और अपनी ऐतिहासिक विरासत को पहचानने की अपील की।
जनसभा को संबोधित करते हुए सूरज पासी ने समाजवादी पार्टी की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि राज्यसभा में पासी समाज की भागीदारी कितनी है और पार्टी ने महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों पर समाज को कितना प्रतिनिधित्व दिया है? उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के पद पर ब्राह्मण नेता की नियुक्ति का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि PDA की बात करने वाली समाजवादी पार्टी में पासी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी कहां है? सूरज पासी ने कहा कि राजनीतिक दलों को केवल चुनाव के समय समाज की याद आती है, जबकि वास्तविक भागीदारी और प्रतिनिधित्व पर भी बात होनी चाहिए।
सूरज पासी ने चुनाव के दौरान संविधान खतरे में होने के मुद्दे को उठाए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल संविधान के नाम पर पासी समाज को भ्रमित करने और बांटने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को राजनीतिक नारों के बजाय अपनी शिक्षा, इतिहास और सामाजिक विकास पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, जब तक समाज जागरूक और शिक्षित नहीं होगा, तब तक वह अपनी वास्तविक ताकत को नहीं पहचान पाएगा।
अपने संबोधन में सूरज पासी ने पासी समाज के ऐतिहासिक महापुरुषों की पहचान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देवा शरीफ के बारे में तो लोग जानते हैं, लेकिन देवा पासी के इतिहास को पर्याप्त पहचान नहीं मिली। उन्होंने समाज से अपने महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत के बारे में जानकारी हासिल करने की अपील की। सूरज पासी ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को समझ सकती है और उसे आगे बढ़ा सकती है।
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और भगवान शिव मंदिर के संरक्षण एवं सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इन ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण की मांग की जा रही है, लेकिन विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर अपेक्षित आवाज नहीं उठाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि दूसरे धार्मिक स्थलों से जुड़ा कोई मुद्दा होता तो राजनीतिक दल अधिक सक्रिय दिखाई देते, लेकिन पासी समाज की ऐतिहासिक विरासत के सवाल पर राजनीतिक दलों की चुप्पी बनी हुई है।
सूरज पासी ने दावा किया कि लखीमपुर खीरी में पासी समाज की आबादी करीब 12 लाख है, इसके बावजूद समाज की समस्याओं और मांगों को प्रभावी तरीके से उठाने वाले राजनीतिक प्रतिनिधियों की कमी है। उन्होंने समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अपनी सामाजिक और राजनीतिक ताकत को पहचानना जरूरी है। उनका कहना था कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसकी समस्याओं को राजनीतिक प्राथमिकता नहीं मिल पाएगी।
जनसभा में सूरज पासी ने युवाओं और समाज के लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शराब और अन्य नशे सामाजिक विकास में बाधा बनते हैं। समाज को अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “शराब से नाता तोड़िए और शिक्षा से नाता जोड़िए।” सूरज पासी ने सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर बच्चों की शिक्षा और समाज के उत्थान पर ध्यान देने की अपील की।
अपने संबोधन में सूरज पासी ने सनातन परंपरा और भगवान श्रीराम से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल सनातन समाज को जातियों में बांटकर राजनीतिक लाभ उठाते हैं। उन्होंने पासी राजाओं की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए समाज से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानने की अपील की। सूरज पासी ने कहा कि समाज को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर शिक्षा, संगठन और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए काम करना चाहिए।
पलिया में हुई इस जनसभा के बाद पासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, PDA की राजनीति और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण जैसे मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। सूरज पासी ने अपने संबोधन के जरिए राजनीतिक दलों से समाज की भागीदारी को लेकर सवाल पूछे और लोगों से सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अब देखना होगा कि पासी समाज के प्रतिनिधित्व और महाराजा कंसा पासी के किले एवं शिव मंदिर के संरक्षण की मांग पर राजनीतिक दलों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
स्रोत: Filmitics
