लखनऊ, 22 सितंबर। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 3,567 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति प…

लखनऊ, 22 सितंबर। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 3,567 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पद शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र बांटते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की लेनदेन की शिकायत बर्दाश्त नहीं होगी। नवनियुक्त शिक्षक से पैसे मांगने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उसे जेल जाना पड़ेगा।सीएम योगी ने 2015-16 की भर्ती प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय एक अभ्यर्थी से आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। अधिक पैसे देने वाला दूसरा अभ्यर्थी आने के कारण उसे नियुक्ति नहीं मिली। बाद में पूरी प्रक्रिया निरस्त हुई और अब उसी अभ्यर्थी को उसके इच्छित पद पर नियुक्ति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई भी ‘सैफई सिंडिकेट’ प्रतिभावान युवाओं के हितों पर डकैती नहीं डाल सकता। पिछले एक सप्ताह में 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जबकि पिछले नौ वर्षों में करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी नवनियुक्त शिक्षक को ज्वाइनिंग में परेशानी न हो।नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है। शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि 3,567 शिक्षक एक वर्ष में लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।सीएम ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत और प्रोजेक्ट अलंकार के जरिए स्कूलों में भवन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में धरना दे रहे युवाओं का भी उल्लेख किया और माध्यमिक शिक्षा मंत्री को एनसीटीई को पत्र लिखकर ऐसे अभ्यर्थियों के लिए राहत की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई पीढ़ी तैयार करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।