नेपाल के जनकपुर और धनुषा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है. यह हिंसा पिछले शनिवार सुनसरी जिले में लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडों को लेकर हुए विवाद से शुरू हुई थी. अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सुनसरी, धनुषा, सिराहा और सप्तरी सहित चार जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है. आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की है.
नेपाल के जनकपुर सहित धनुषा जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद प्रशासन ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है. सुरक्षा बलों को पूरे जनकपुर शहर में तैनात किया गया है ताकि हालात और न बिगड़ें.
स्थानीय निवासी मोहम्मद असगर अली ने कहा कि नेपाल हमेशा से एकता और भाईचारे वाला देश रहा है, लेकिन कुछ कट्टरपंथी संगठनों की वजह से अब देश में बंटवारे जैसे हालात बन रहे हैं. उन्होंने चेताया कि यह आग सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पड़ोसी देशों को भी प्रभावित कर सकती है.
और पढ़ेंदरअसल यह पूरा विवाद पिछले शनिवार को कोशी प्रांत के सुनसरी जिले में शुरू हुआ था. दो अलग अलग धार्मिक समुदाय अपने अपने कार्यक्रम कर रहे थे, तभी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडों को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया.
देखते ही देखते बहस हिंसा में बदल गई. हालात संभालने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों समेत दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हुए.गुरुवार को यह हिंसा मधेश प्रांत तक फैल गई.
सिराहा जिले में झड़प के दौरान एक किशोर की मौत हो गई, जबकि सुनसरी हिंसा में घायल हुए एक व्यक्ति ने कोशी प्रांत में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस तरह अब तक इस हिंसा में कुल तीन लोगों की जान जा चुकी है.हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन ने अब तक चार जिलों में कर्फ्यू लगाया है.
सुनसरी, धनुषा और सिराहा के बाद शुक्रवार को सप्तरी जिले के राजबिराज नगरपालिका के कुछ हिस्सों में भी सुबह आठ बजे से कर्फ्यू लागू कर दिया गया, क्योंकि वहां लोगों ने सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था. Advertisement यह भी पढ़ें: क्या नेपाल फिर बनेगा हिंदू राष्ट्र?





