Nepal Avalanche: नेपाल के मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल में आए हिमस्खलन में मरने वालों की संख्या अब चार हो गई है। वहीं, इस भीषण हिमस्खलन में अभी तक 12 लोग लापता…
Nepal Avalanche: नेपाल के मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल में आए हिमस्खलन में मरने वालों की संख्या अब चार हो गई है। वहीं, इस भीषण हिमस्खलन में अभी तक 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इलाके में बचाव अभियान जारी है
अंतरराष्ट्रीय न्यूज
Nepal Avalanche: नेपाल नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन (NNMGA) ने बताया कि नेपाल के ऊंचे इलाके वाले मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर हिमस्खलन के बाद दो और मृत पर्वतारोहियों के शव बरामद किए गए हैं
हिमस्खलन से प्रभावित इलाके में खोज और बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए NNMGA ने बताया कि रविवार (27 सितंबर) को दो शव मिलने के बाद सोमवार (28 सितंबर) को दो और पर्वतारोहियों के शव बरामद किए गए। यानी इस भीषण हिमस्खलन में मरने वाली कुल संख्या 4 हो गई है। वहीं, अभी भी करीब 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। खराब मौसम के बाद भी इलाके में बचाव अभियान जारी है
नेपाल हिमस्खलन अब तक 4 की मौत, 12 लापता
सोमवार, 28 सितंबर को नेपाल नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन (NNMGA) ने बताया कि हिमस्खलन के बाद दो और मृत पर्वतारोहियों श्री बीरेंद्र गुरुंग और श्री घन श्याम राय के शव बरामद किए गए हैं।" हैं। वहीं, इससे पहले रविवार को श्री छेबी भोटे और श्री पासांग भोटे के शव बरामद किए थे। इस भीषण हिमस्खलन में अभी तक 4 लोगों की मौत हो चुकी और चारों शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि अभी भी कम से कम 12 लोग लापता है
खराब मौसम के बीच बचाव अभियान जारी
NNGMA ने आगे कहा कि इलाके में खोज और बचाव अभियान जारी है, और "अगर हालात ठीक रहे तो टीम 3-4 घंटे और काम करेगी।" जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए, एसोसिएशन ने बचाव अभियान को पूरा करने का संकल्प लिया। इस बीच, 'द काठमांडू पोस्ट' ने NNMGA के अध्यक्ष तुल सिंह गुरुंग के हवाले से बताया कि बचाव अभियान जारी रहने के बावजूद अभी भी 12 लोग लापता हैं
पिछले 4 दिनों में 21 लोगों की मौत
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा मौतें भूस्खलन की वजह से हुईं; इसमें 14 लोगों की जान गई और पांच लोग लापता हैं। बाढ़ से चार लोगों की मौत हुई, जबकि तीन लोगों की मौत लगातार भारी बारिश के कारण हुई। खराब मौसम का असर देश भर में 247 परिवारों पर पड़ा है, जिससे 260 घर पूरी तरह और 80 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं
हिमालयी देश में यह आपदा भोटेकोशी बाढ़ की त्रासदी के एक महीने बाद आई है, जिसमें अब तक 1400 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 6000 से ज्यादा लोग लापता हैं
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