Download APKAPK
होम समाचार देश राजनीति अपराध खेल धर्म मनोरंजन व्यापार टेक लाइफस्टाइल विदेश लखनऊ

नौनिहालों की सेहत को योगी सरकार का पोषण कवच, आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिल रहा पौष्टिक आहार -

🕐 01 Sep 2026, 06:21 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
नौनिहालों की सेहत को योगी सरकार का पोषण कवच, आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिल रहा पौष्टिक आहार -

प्रदेश में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत पोषण की दिशा में योगी सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे प्रयासों का असर आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिखाई दे रहा है। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट कुक्ड मील योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से ताजा, गर्म और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यूपी में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लगभग 32.88 लाख बच्चे नियमित लाभान्वित हो रहे हैं।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार, बच्चों को अलग-अलग दिनों में रोटी-सब्जी, चावल-दाल, मौसमी सब्जियों से तैयार तहरी और अन्य पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। योगी सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों को नियमित गर्म भोजन उपलब्ध कराकर सरकार एक ओर उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर कम उम्र से ही संतुलित आहार की आदत विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।

योगी सरकार ने बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट मानक तय किए हैं। कोटेदार से मिलने वाला खा‌द्यान्न उत्तम गुणवत्ता का होना अनिवार्य है। भोजन तैयार करने से पहले अनाज की अच्छी तरह सफाई और हरी सब्जियों को दो से तीन बार पानी से धोने की व्यवस्था है। इससे बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

भोजन बच्चों को परोसने से पहले कम से कम दो वयस्क व्यक्तियों जैसे शिक्षक, रसोइया या माता समिति के सदस्य द्वारा रोस्टर के आधार पर भोजन की जांच की जाती है। इसमें भोजन के स्वाद और गुणवत्ता को परखा जाता है। विभागीय व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बर्चा तक पहुंचने वाला भोजन पौष्टिक होने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भी हो।

अपर मुख्य सचिव (महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग) लीना जौहरी ने बताया कि इसके जरिए नियमित 32.88 लाख बच्चों को गर्म और पौष्टिक आहार मिल रहा है। प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन 70 ग्राम खा‌द्यान्न से तैयार भोजन दिया जाता है। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण योजना की रसोई और संसाधनों का उपयोग कर तैयार किया जाता है। वहीं नॉन-को-लोकेटेड केंद्रों पर स्थानीय निकार्यों या ग्राम पंचायतों की ओर से उपलब्ध कराए गए बर्तनों, गैस चूल्हे आदि की मदद से भोजन तैयार कराया जाता है।

स्रोत: Filmitics

शेयर करें X / Twitter ← होम

और खबरें