MLC चुनाव के नतीजों पर ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा तंज,कांग्रेस को भी घेरा -

उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सुभासपा के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर निशाना साधा है। राजभर ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर कटाक्ष करते हुए सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन और आपसी सहयोग पर सवाल उठाए हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को एमएलसी चुनाव में सपा के प्रदर्शन के लिए बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यादव ने अपने मित्र राहुल गांधी को भी बधाई दी है? राजभर ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कई जगह प्रत्याशी तक नहीं मिले और जहां पार्टी चुनाव मैदान में उतरी, वहां उसका प्रदर्शन शून्य रहा। उन्होंने कर्नाटक में भी कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा।राजभर ने अपनी पोस्ट में कांग्रेस की सीटों की मांग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस खुद को समाजवादी पार्टी का बड़ा भाई मानती है और आगामी विधानसभा चुनाव में 403 सीटों में से 200 से ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है। ऐसे में जब कांग्रेस सपा से सीटें मांगे, तो अखिलेश यादव को एमएलसी चुनाव के नतीजे याद दिलाने चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि एमएलसी चुनाव के दौरान कांग्रेस का कोई नेता या कार्यकर्ता सपा प्रत्याशियों के समर्थन में एक दिन भी मजबूती से खड़ा हुआ था या नहीं। राजभर ने गठबंधन के भीतर सहयोग की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब चुनाव लड़ने और समर्थन देने की बात आती है, तो दोनों दलों के बीच तालमेल नजर नहीं आता।ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में सपा और कांग्रेस के रिश्तों पर तंज कसते हुए लिखा कि सीटों में बड़ा हिस्सा मांगने वाली कांग्रेस समर्थन देने के मामले में पीछे रहती है। उन्होंने इसे अन्याय बताते हुए गठबंधन की राजनीति में बराबरी और आपसी सहयोग की जरूरत पर सवाल खड़े किए। राजभर की इस पोस्ट को एमएलसी चुनाव के नतीजों के बहाने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधने के तौर पर देखा जा रहा है। उनके बयान से उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संभावित सीट बंटवारे और गठबंधन के भीतर राजनीतिक खींचतान की चर्चा तेज हो सकती है।
स्रोत: Filmitics
