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मेरठ के आसमान में गरजे नौ हॉक जेट, सूर्यकिरण ने दिखाया शौर्य; तिरंगे की लकीरों से सजा आसमान -

🕐 19 Sep 2026, 04:27 pm• 3 min padho • Chugal Khor News
मेरठ के आसमान में गरजे नौ हॉक जेट, सूर्यकिरण ने दिखाया शौर्य; तिरंगे की लकीरों से सजा आसमान -

सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को मेरठ की क्रांतिधरा में पहली बार भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने शानदार एयर शो किया। मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में नौ हॉक एमके-132 विमानों ने आसमान में एक से बढ़कर एक कलाबाजियां दिखाईं। विमानों की गर्जना, बदलते फॉर्मेशन और तिरंगे के रंगों से सजे आसमान ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया।हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर नौ हॉक जेट सुबह करीब 10:25 बजे मेरठ के आसमान में पहुंचे।

विमानों के मैदान के ऊपर आते ही दर्शकों ने तालियों, ‘जय हिंद’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। सुबह साढ़े सात बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। दर्जनभर से अधिक स्कूलों के छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ बड़ी संख्या में परिवार, चिकित्सक, व्यापारी और उद्यमी एयर शो देखने पहुंचे।सूर्यकिरण टीम के नौ विमानों ने आसमान में वी-फॉर्मेशन, लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर समेत कई हवाई करतब दिखाए। पलक झपकते ही विमानों के फॉर्मेशन बदलते रहे। करीब 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की सटीक उड़ान ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। दो विमान आमने-सामने बढ़े और ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए निकल गए तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा।

विमानों के पीछे निकलती केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरों ने आसमान को तिरंगे के रंग में रंग दिया। इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है।इस एयर शो का मेरठ से खास जुड़ाव भी रहा। सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने हॉक जेट उड़ाकर हवाई करतब दिखाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रदर्शन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। अपने शहर के तीन वायुयोद्धाओं को इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का हिस्सा देखकर स्थानीय लोगों का उत्साह और बढ़ गया।एयर शो ने मनोरंजन के साथ युवाओं को भारतीय वायुसेना की क्षमता, साहस और तकनीकी दक्षता को करीब से देखने का अवसर दिया। कई छात्र-छात्राएं हर करतब को मोबाइल कैमरे में कैद करते नजर आए। बच्चों और युवाओं में वायुसेना और रक्षा सेवाओं को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। टीम में 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव रखने वाले पायलटों को टीम के लिए चुना जाता है। मेरठ में सूर्यकिरण का यह पहला एयर शो था।

राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, मेरठ में एयर शो के आयोजन का प्रस्ताव 13 मई को भेजा गया था, जिसे 8 सितंबर को आधिकारिक मंजूरी मिली।बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात, पार्किंग, पेयजल और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। मोहिउद्दीनपुर के आसपास 10 नॉटिकल मील यानी करीब 18.5 किलोमीटर के क्षेत्र को 21 सितंबर तक अस्थायी रेड और नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस दौरान ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और अन्य यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।

स्रोत: Filmitics

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