फोन और सोशल मीडिया का क्रेज सिर्फ युवाओं के बीच नहीं है बल्कि देश के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को भी है. बुधवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां सीरिया के र…

फोन और सोशल मीडिया का क्रेज सिर्फ युवाओं के बीच नहीं है बल्कि देश के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को भी है. बुधवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा UNGA में भाषण के दौरान फोन चलाते हुए दिखाई दिए. वे फोन में इंस्टाग्राम पर रील्स स्क्रॉल कर रहे थे और साथ ही वे रील शेयर भी करते पकड़े गए. खास बात है कि इस दौरान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन भाषण मंच पर थे और भाषण दे रहे थे

अल शरा दूसरी बार UNGA में शामिल हुए है. इससे पहले वे साल 2025 में करीब 60 साल बाद UNGA में दुिनिया भर के नेताओं को संबोधित करने वाले सीरिया के पहले प्रतिनिधि बने थे. साल 2025 में अहमद सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति बने थे. सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ सैन्य विद्रोह करके अहमद ने सत्ता हासिल की थी

🇸🇾 🇹🇷In a viral video Syria’s president sits at UNGA tapping Instagram Reels as speeches drag on#UNGA #Syria #UNGA81 pic.twitter.com/Pvbkn1uBfm

अल शरा के रील्स स्क्रॉल करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो पर लोग अलग-अलग राय भी देते दिखाई दे रहे हैं. एक यूजर ने एक्स पर लिखा कि राजनीतिक भाषण कभी-कभी बोरिंग भी हो सकते हैं

UN में किसी राष्ट्राध्यक्ष के फोन चलाने का यह मामला पहला नहीं है. इससे पहले साल 2016 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी UN में फोन चलाते दिखाई दिए थे. उस वक्त वे ब्रिटेन के विदेश मंत्री हुआ करते थे. खास बात है कि बोरिस जब फोन चला रहे थे तब उस वक्त मंच पर ब्रिटेन की तत्कालीन पीएम थेरेसा मंच पर थीं और भाषण दे रहीं थीं. थेरेसा के भाषण के दौरान, कई बार बोरिस पर कैमरा गया और अधिकांश बार बोरिस फोन में ही लगे दिखाई दिए. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उस वक्त बोरिस ने अपना समय मैसेज भेजने में ही बिताया

साल 2003 अहमद अल-शरा ने मेडिकल की पढ़ाई छोड़ दी थी. इसके बाद वे अलकायदा नेताओं के संपर्क में आए. उन्हें अमेरिकी सेना ने 2005 में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. जेल से छूटने के बाद अल-शरा ने अल कायदा की सीरिया शाखा जबात अल-नुस्न का गठन किया था. अलकायदा से जुड़े अल-शरा को अमेरिका ने 2013 में आतंकियों की सूची में डाल दिया था. उन पर 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 84 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था. 2016 में अल कायदा से अलग होकर अल-शरा ने हयात तहरीर अल-शाम (HTS) की स्थापना की. दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के पतन के बाद जुलानी ने सत्ता संभाली