मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया…

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। ट्रेड शो में मीरजापुर के कालीन उद्योग और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को वैश्विक मंच मिलेगा। इसमें जिले के 10 कालीन कारोबारी और दो मिष्ठान कारोबारी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों और 86 देशों के आयातकों की मौजूदगी में मीरजापुर के कालीन, दरी और हस्तशिल्प उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि यूपीआईटीएस मीरजापुर के कालीन कारोबारियों के लिए नए बाजार तलाशने और विदेशी खरीदारों से सीधे संपर्क स्थापित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते परिदृश्य के बीच स्थानीय उद्यमियों को नए कारोबारी संपर्क बनाने और निर्यात के नए अवसर तलाशने का मौका मिलेगा।ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट और मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट हाल नंबर-9 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट और मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हाल नंबर-10 में उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। वहीं मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हाल नंबर-14 और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हाल नंबर-15 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।उपायुक्त के मुताबिक, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से मीरजापुर के कालीन उद्योग को काफी प्रोत्साहन मिला है। योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कारोबार को बढ़ावा मिला है, जिसका सकारात्मक असर कालीन बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े कारीगरों को भी इसका लाभ मिल रहा है।

यूपीआईटीएस में मीरजापुर के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को भी वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत जिले के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही को ट्रेड शो में प्रदर्शित किया जाएगा। ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स हाल नंबर-16 में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। ट्रेड शो में आने वाले विदेशी मेहमान मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद भी चख सकेंगे।कालीन और हस्तशिल्प के साथ स्थानीय पारंपरिक मिठाइयों की प्रस्तुति से जिले के उत्पादों को नए बाजार और संभावित खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यूपीआईटीएस के जरिए मीरजापुर के कालीन, हस्तशिल्प और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक और कारोबारी संपर्क मिलने के साथ जिले की पारंपरिक कला और उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।