Lalitpur News: ललितपुर पुलिस ने बरामद किए 125 खोए हुए मोबाइल फोन, कीमत करीब 24 लाख रुपये; दीपावली से पहले लोगों को मिला बड़ा तोहफा -

Lalitpur News Today: उत्तर प्रदेश के ललितपुर में दीपावली से ठीक पहले पुलिस ने लोगों को बड़ी खुशखबरी दी है। ललितपुर पुलिस ने गिरे और खोए हुए कुल 125 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपये बताई गई है। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने ललितपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त खोए और गिरे मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया। इसके बाद मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए सर्विलांस टीम और विभिन्न थानों में गठित पुलिस टीमों को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।पुलिस टीमों के लगातार प्रयास और तकनीकी सर्विलांस की मदद से देश के विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से विभिन्न कंपनियों के कुल 125 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद किए गए।बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 24 लाख रुपये है।
बरामद मोबाइल फोन को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई ने उनके वास्तविक स्वामियों को वितरित किया।लंबे समय से अपना मोबाइल खोने या गुम होने के कारण परेशान लोगों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं था। अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने ललितपुर पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए पुलिस विभाग का हृदय से धन्यवाद किया।
ललितपुर पुलिस की सर्विलांस टीम और थानों में गठित टीमों ने तकनीकी सहायता और लगातार प्रयासों के जरिए अलग-अलग राज्यों तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से मोबाइल फोन बरामद किए।इस अभियान में विभिन्न कंपनियों के 125 मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद करना पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
मोबाइल फोन बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सर्विलांस टीम और थानों की पुलिस टीमों के प्रयासों की पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई ने सराहना की। उन्होंने बेहतर कार्य करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत भी किया।
दीपावली त्योहार से ठीक पहले खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने से लोगों की खुशियां दोगुनी हो गईं। पुलिस की इस पहल से न केवल नागरिकों को आर्थिक राहत मिली, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ।ललितपुर पुलिस का यह अभियान दिखाता है कि जनसुनवाई में मिलने वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और तकनीकी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
स्रोत: Filmitics
