Sana Saeed Birthday: सुपरस्टार शाहरुख खान की आइकॉनिक फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ (Kuch Kuch Hota Hai) आज भी कई लोगों की फेवरेट फिल्मों में शामिल है. इस फिल्म की कह…
Sana Saeed Birthday: सुपरस्टार शाहरुख खान की आइकॉनिक फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ (Kuch Kuch Hota Hai) आज भी कई लोगों की फेवरेट फिल्मों में शामिल है. इस फिल्म की कहानी ही नहीं बल्कि इसके गाने और किरदारों ने दर्शकों को खूब दिल जीता. इन्हीं किरदारों में एक छोटी सी बच्ची अंजलि भी थी, जिसने अपनी नटखट शरारतों और मासूमियत से हर किसी का दिल जीत लिया था. इस किरदार को किसी और ने नहीं बल्कि एक्ट्रेस सना सईद (Sana Saeed) ने निभाया था. फिल्म के इतने साल बीत जाने के बाद भी सना को आज भी लोग प्यार से ‘छोटी अंजलि’ के नाम से याद करते हैं. आज सना सईद अपना 37वां जन्मदिन मना रही हैं. उनके जन्मदिन के मौके कुछ कुछ होता है कि अंजलि की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है. हालांकि, पर्दे पर हमेशा हंसती- मुस्कुराती नजर आने वाली सना की लाइफ में एक ऐसा दौर भी आया, जब वह अंदर से पूरी तरह टूट गई थीं. आइए इस बारे में जानते हैं
चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपनी पहचान बनाने के बाद सना सईद ने बड़े होने के बाद साल 2012 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बॉलीवुड में वापसी की. इस फिल्म में उनका अंदाज पहले से ग्लैमरस नजर आया था. फिल्म को लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और लोगों ने उनके काम की तारीफ की. जिससे वह एक बार फिर चर्चा में आ गईं थीं. लेकिन इसी दौरान उनकी लाइफ में एक ऐसा दौर शुरू हुआ, जिसके बारे में लोगों को शायद ही पता हो
दरअसल, सना पर फिल्म इंडस्ट्री में फिट और परफेक्ट दिखने का प्रेशन हो गया था. जिसके चलते वह एक सीरियस डिजीज शिकार हो गईं. जानकारी के मुताबिक, सना को बुलिमिया नाम के ईटिंग डिसऑर्डर का सामना करना पड़ा. बता दें कि यह एक तरह की ऐसी बीमारी होती है, जिसमें इंसान का ज्यादा खाना खाने के बाद वजन बढ़ने के डर से खाने को बाहर निकालने की कोशिश करता है. सना के लिए यह परेशानी धीरे-धीरे उनकी लाइफ का हिस्सा बन गई
सना की लाइफ का सबसे मुश्किल हिस्सा वो था, जब वह 6 साल तक इस परेशानी को झेलती रहीं. लेकिन उन्हें खुद नहीं पता था कि वह किस बीमारी से जूझ रही हैं. उन्हें इस बीमारी का नाम तक नहीं मालूम था. वह हर बार कुछ खाने के बाद गिल्ट महसूस करती थीं और खुद को दोष देने लगती थीं
इस वजह से इसका उनकी मेंटल हेल्थ पर भी गहरा असर पड़ा. जिसके बाद वह अकेली रहने लगीं और अपनी परेशानी को भी किसी से शेयर करने से डरती थीं. उन्हें डर रहता था कि अगर लोगों को उनकी हालत के बारे में पता चला तो वे उनके बारे में क्या सोचेंगे. जब वह इस दौर से गुजर रही थीं. बाहर से देखने में सबकुछ नॉर्मल नजर आ रहा था लेकिन अंदर से वह लगातार एक परेशनियों का समाना करती रहीं
जब सना ने 6 साल तक बुलिमिया नाम की बीमारी से जूझा तो तब उनकी लाइफ में एक बड़ा मोड़ आया. एक दिन उनके हाथ ईटिंग डिसऑर्डर से जुड़ी एक किताब लगी. जब उन्होंने उसे पढ़ना शुरू किया तो उसमें बताए गए कई सिम्टम्स वैसे ही थे, जिससे वह सालों से जूझ रही थीं. तभी सना को पहली बार समझ आया कि उनकी ये परेशानी कोई कमजोरी नहीं है बल्कि एक तरह की समस्या है
जब उन्हें अपनी बीमारी के बारे में पता चला तो उन्हें एहसास हुआ कि इससे बाहर निकलना संभव है और इसके बाद उन्होंने लाइफ को बदलने और खुद को ठीक करने का फैसला किया. सना के लिए इस बीमारी से पीछा छुड़ाना बिल्कुल भी आसान नहीं रहा. उन्होंने अपने लाइफस्टाइल को बदला और थेरेपी की मदद ली. उन्हें इस बीमारी से पूरी तरह ठीक होने करीब 4 साल का टाइम लगा
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बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर सना ने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में अपनी लाइफ को नए सिरे से जीना शुरू किया. आज वह वहां अपने पति साबा वैगनर के साथ मिलकर एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी चला रही हैं. इसके अलावा वह लॉस एंजिल्स में कई इंडिपेंडेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़ी हैं और फिल्मों की स्क्रिप्ट पर भी काम कर रही हैं





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