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कोयला संकट के बीच यूपी में बिजली आपूर्ति संभली, रोस्टर के मुताबिक जारी है सप्लाई -

🕐 15 Sep 2026, 09:00 am• 2 min padho • Chugal Khor News
कोयला संकट के बीच यूपी में बिजली आपूर्ति संभली, रोस्टर के मुताबिक जारी है सप्लाई -

देशभर में अतिवृष्टि के चलते कोयला खदानों से आपूर्ति प्रभावित होने और तापीय विद्युत उत्पादन में कमी के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पावर कॉरपोरेशन ने उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन शुरू किया है।

करीब 1500 से 2000 मेगावाट की कमी के बावजूद प्रदेश में लगभग 27 हजार मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ग्रामीण, तहसील, नगर पंचायत और बुंदेलखंड क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली देने के साथ कई जगहों पर उससे अधिक आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है।अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सोमवार को प्रदेश में बिजली आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उपलब्ध सभी स्रोतों से बिजली प्राप्त कर आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से उत्तर प्रदेश को सामान्य दिनों की तुलना में करीब 1500 से 2000 मेगावाट बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में बिजली की मांग पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ी है। वहीं, कोयले की कमी के कारण देशभर में करीब 35 गीगावाट तापीय विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। विंड और हाइड्रो पावर उत्पादन में भी कमी आई है। इन चुनौतियों के बावजूद यूपी में करीब 27 हजार मेगावाट तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। दिन के समय प्रदेश के सभी क्षेत्रों में कटौती मुक्त आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय सीमित कटौती की स्थिति बनी हुई है।

पावर कॉरपोरेशन के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में करीब 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने की उम्मीद है। अनपरा डी, हरदुआगंज-ई और जवाहरपुर की बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयों के दोबारा उपलब्ध होने से उत्पादन बढ़ेगा। इसके अलावा अनपरा के कोयले को लैंको की ओर डायवर्ट करने और बारा में कोयला आपूर्ति में सुधार से रात के समय उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है। इससे बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति में करीब 700 मेगावाट की वृद्धि हुई है।पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन का कहना है कि वर्ष 2017 और 2021 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर प्रदेश में बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने पर पूरा जोर है। ग्रामीण, तहसील, नगर पंचायत और बुंदेलखंड क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार या उससे अधिक बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। कोयला आपूर्ति में और सुधार के लिए कोयला मंत्रालय के उच्च प्रबंधन से भी समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।

स्रोत: Filmitics

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