केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने CGST रिश्वत मामले में फरार चल रहे एडिशनल कमिश्वर विनय कुमार कंठेती को गिरफ्तार कर लिया है. CBI के मुताबिक आरोपी को ऋषिकेश से ट्रे…

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने CGST रिश्वत मामले में फरार चल रहे एडिशनल कमिश्वर विनय कुमार कंठेती को गिरफ्तार कर लिया है. CBI के मुताबिक आरोपी को ऋषिकेश से ट्रेस कर हिरासत में लिया गया. आरोपी पर CGST, खांडेश्वर, रायगढ़ से जुड़े रिश्वत मामले में संलिप्तता का आरोप है

CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, मुंबई ने 26 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया था. यह मामला एक शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ, जिसमें CGST, खांडेश्वर, रायगढ़ के सुपरिडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर शिकायतकर्ता की फर्म से जुड़ी कार्रवाई के सिलसिले में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था. शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर पहले 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. बाद में कथित रूप से सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ

CBI ने 27 अगस्त 2026 को एक बड़ा ट्रैप ऑपरेशन किया. इस कार्रवाई के दौरान नरिंदर राजपूत नाम के एक निजी व्यक्ति को कथित तौर पर 40 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जो एक कस्टम्स हाउस एजेंट के रूप में काम करता है. सीबीआई के मुताबिक, आरोपी यह भारी-भरकम रकम CGST के अधीक्षक (Superintendent) और एडिशनल कमिश्वर (Additional Commissioner) की तरफ से वसूल रहा था

तीनों आरोपियों को CBI ने विशेष CBI अदालत, ठाणे के समक्ष पेश किया था. जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी. हालांकि, 28 अगस्त 2026 को विशेष अदालत ने CBI की कस्टडी की मांग खारिज करते हुए गिरफ्तारियों को अवैध माना और आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया. इसके बाद CBI ने विशेष अदालत के इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी

16 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI की Criminal Revision Application स्वीकार करते हुए विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया. हाईकोर्ट ने आरोपियों को दो दिन की CBI कस्टडी में भेजने का आदेश दिया.CBI के मुताबिक, हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद पाया कि आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में बताए गए थे और संबंधित परिवार के सदस्यों तथा वकीलों को भी इसकी जानकारी दी गई थी

इसके बाद CGST के सुपरिडेंट और निजी आरोपी को CBI की दो दिन की कस्टडी में लिया गया. कस्टडी की अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया

हालांकि, CBI के अनुसार एडिशनल कमिश्वर विनय कुमार कंठेती ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप समर्पण नहीं किया और फरार हो गया. CBI ने उसकी तलाश शुरू की. अब जांच एजेंसी ने उसे ऋषिकेश से ट्रेस कर हिरासत में ले लिया है. कंठेती को आगे अदालत के समक्ष पेश कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. CBI मामले में रिश्वत की मांग, 40 लाख रुपये की कथित स्वीकारोक्ति और आरोपियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है. अभियोजन के आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा