US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल कोई सीधी लड़ाई तो नहीं हो रही है. ईरानी राष्ट्रपति भी इस समय संयुक्त राष्ट्र की बैठक के सिलसिले में अमेरिका के न्यूय…
US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल कोई सीधी लड़ाई तो नहीं हो रही है. ईरानी राष्ट्रपति भी इस समय संयुक्त राष्ट्र की बैठक के सिलसिले में अमेरिका के न्यूयॉर्क में हैं. इस बैठक में पहले ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की धमकी दी. अब उसी जगह से ईरान ने अमेरिका को आंख दिखाई है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका की नीतियों और प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों से ईरान का हौसला कमजोर होने के बजाय और मजबूत होगा
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए पेजेश्कियन ने वाशिंगटन की ईरान को लेकर की गई टिप्पणियों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी तरह के बाहरी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपना सिर नहीं झुकाएगा और न ही किसी दबाव के सामने घुटने टेकेगा
Iranian President Masoud Pezeshkian said in a speech at the UN that Tehran would never surrender to the US, but still believes in diplomacy, after US President Donald Trump used the same forum to threaten to ‘annihilate’ Iran pic.twitter.com/0OvNxTsMnS
पेजेश्कियन ने ईरान को लेकर ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ट्रंप के बयान अंतरराष्ट्रीय कानून और दुनिया के नियमों के खिलाफ हैं. पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका की ओर से लगाए जा रहे प्रतिबंधों, बढ़ते दबाव और धमकियों से ईरानी जनता का विरोध और मजबूत होगा. उन्होंने साफ कहा कि ईरान किसी भी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है और न ही वह घुटने टेकेगा
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान कूटनीति और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यह बातचीत बिना किसी दबाव के और दोनों पक्षों की बराबरी के आधार पर होनी चाहिए. उन्होंने साफ किया कि ईरान धमकी या बल प्रयोग की भाषा को स्वीकार नहीं करेगा. संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि दुनिया को दोबारा वर्चस्व और दबदबे के दौर में नहीं लौटना चाहिए
उन्होंने देशों से आपसी सहयोग की अपील की और कहा कि बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करना जरूरी है.उन्होंने कहा कि अगर दुनिया कानून के आधार पर व्यवस्था चाहती है, तो उसकी नींव शांति पर होनी चाहिए. पेज़ेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि ये संयुक्त राष्ट्र की मूल भावना के अनुरूप नहीं हैं
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बात करते हुए राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि उनके देश का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. उन्होंने परमाणु हथियारों को लेकर इजरायल पर भी सवाल उठाए. पेजेश्कियन ने कहा कि इजरायल के पास परमाणु हथियार हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जांच कर रहे हैं. उन्होंने गाजा में हुई मौतों का जिक्र करते हुए इजरायल की आलोचना की और कहा कि ईरान बातचीत की कोशिश कर रहा था, फिर भी उस पर हमला किया गया
उन्होंने कहा कि ईरान यह स्वीकार नहीं कर सकता कि परमाणु तकनीक का अधिकार केवल कुछ देशों तक सीमित रहे. पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता, लेकिन शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के इस्तेमाल के अपने अधिकार को भी नहीं छोड़ेगा. तेहरान के विकासात्मक लक्ष्यों का विस्तार से वर्णन करते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि हम प्रगति के लिए ऊर्जा चाहते हैं. वर्षों से, हमारी परमाणु प्रौद्योगिकी को लेकर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं





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