अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में एक विमान दुर्घटना में 14 लोगों की जान चली गई. हादसे में देश के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं। दुर्…

अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में एक विमान दुर्घटना में 14 लोगों की जान चली गई. हादसे में देश के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए हैं। दुर्घटना उस समय हुई, जब विमान दक्षिण-पश्चिमी शहर किकविट से राजधानी किंशासा के लिए लौट रहा था

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अफ्रीका में कांगो नाम से दो अलग-अलग देश हैं. एक रिपब्लिक ऑफ कांगो है, जबकि दूसरा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो मौजूदा विमान हादसा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में हुआ है. इसकी राजधानी किंशासा है, जो रिपब्लिक ऑफ कांगो की सीमा के बिल्कुल पास स्थित है

जानकारी के मुताबिक, विमान किकविट से किंशासा की ओर वापस आ रहा था. इसी दौरान विमान में तकनीकी समस्या आने की जानकारी सामने आई। इसके बाद विमान केंगे इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा इतना गंभीर था कि विमान में मौजूद किसी भी व्यक्ति की जान नहीं बच सकी. मृतकों में देश के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल मुतोम्बो कातालायी तिएंदे और लेफ्टिनेंट जनरल बाकुमी लिकुलिया भी शामिल हैं. मुतोम्बो देश की मिलिट्री कोर्ट के प्रमुख के पद पर थे, जबकि बाकुमी सशस्त्र बलों के ऑडिटर जनरल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे

कांगो की सेना ने दोनों अधिकारियों की मौत की पुष्टि की है। सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल एफोमी एकेंगे के मुताबिक, विमान में एक प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। इसी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी थे. प्रवक्ता के अनुसार, दोनों जनरलों के अलावा प्रतिनिधिमंडल के 12 अन्य सदस्य और विमान के चालक दल के लोग भी दुर्घटना में मारे गए. विमान किकविट से किंशासा लौट रहा था, तभी उसमें तकनीकी परेशानी सामने आई और कुछ समय बाद वह केंगे इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया

अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि विमान में किस तरह की तकनीकी खराबी आई थी। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल एफोमी एकेंगे ने भी हादसे की वजह जानने के लिए जांच किए जाने की पुष्टि की है. वहीं सिविल एविएशन अथॉरिटी के बोर्ड चेयरमैन ट्रिफॉन किन-किये मुलुम्बा ने कहा है कि फिलहाल दुर्घटना का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विमान में आखिर किस तरह की तकनीकी समस्या आई थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो पहले से ही गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। खासकर देश के पूर्वी हिस्से में सेना कई सशस्त्र संगठनों के खिलाफ अभियान चला रही है. इनमें M23 विद्रोही समूह प्रमुख है। इस समूह को लेकर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि उसे रवांडा का समर्थन हासिल है. पिछले साल से जारी संघर्ष के दौरान M23 ने पूर्वी कांगो के कई महत्वपूर्ण इलाकों और शहरों पर कब्जा किया है. ऐसे समय में देश के दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक ही विमान हादसे में मौत ने घटना की गंभीरता बढ़ा दी है. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक विमान दुर्घटना को देश में जारी सशस्त्र संघर्ष से जोड़ने वाली कोई जानकारी नहीं दी है