Bihar News: बिहार के जमुई जिले में एक युवक और युवती के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की घटना को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग की अध्य…

Bihar News: बिहार के जमुई जिले में एक युवक और युवती के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की घटना को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बिहार के DGP को पत्र भेजकर मामले में तुरंत FIR दर्ज करने और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने पुलिस से सभी आरोपियों की जल्द पहचान सुनिश्चित करने को कहा है

राष्ट्रीय महिला आयोग ने पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर होने से रोकने की भी अपील की है. आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे घटना के वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करने की बात कही है, ताकि पीड़िता की निजता और गरिमा सुरक्षित रह सके

आयोग ने बिहार पुलिस से 7 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है. NCW ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और निजता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. आयोग ने पुलिस से मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच करने को कहा है

जमुई जिले में #सोशल_मीडिया पर वायरल वीडियो से संबंधित घटना में की गई कार्रवाई की अद्यतन जानकारी देते श्रीमति के० सुहिता अनुपम, अपर पुलिस महानिदेशक, (विधि-व्यवस्था)..#BiharPolice #HainTaiyaarHum #bihar pic.twitter.com/8IRDkzb7PA

पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह पूरी घटना 19 सितंबर की शाम लगभग सात बजे की है. पीड़ित नाबालिग अपने एक परिचित दोस्त के साथ एक सुनसान इलाके में फोटोशूट कराने के मकसद से गई हुई थी. उसी दौरान वहां मौजूद कुछ मनचलों ने उन्हें अकेला पाकर घेर लिया और नाबालिग के साथ जबरदस्ती करते हुए अभद्र हरकतें करने लगे. मनचलों ने न सिर्फ पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की बल्कि पूरी घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया. इसके बाद दरिंदों ने इस वीडियो को इंटरनेट पर डालकर वायरल कर दिया

मामले की गंभीरता और पीड़िता की उम्र से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कानून का पूरा शिकंजा कस दिया है. जमुई थाने में कांड संख्या 428/26 के तहत बाकायदा FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने नए कानून भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 74, 76 और 3(5) के तहत मुकदमा कायम किया है. इसके साथ ही मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने वाले पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 को भी जोड़ा गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की वास्तविक उम्र और जन्म प्रमाण पत्रों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी भी कानूनी पेंच का फायदा दोषियों को न मिल सके

वायरल वीडियो का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने अब तक कुल पांच संदिग्धों की पहचान कर ली है. पकड़े गए तीन आरोपियों के अलावा जो अन्य आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया है. इस मोबाइल को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो सबसे पहले किस नेटवर्क से और किन लोगों के बीच साझा किया गया था

पुलिस ने साफ चेतावनी भी दी है कि जो भी व्यक्ति इस वीडियो को किसी भी माध्यम से दोबारा प्रसारित करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ आईटी एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. पुलिस का पूरा ध्यान अब सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने पर केंद्रित है