Jharkhand News: झारखंड सरकार युवाओं को अपना रोजगार या छोटा कारोबार शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना चला रही है. इस योजना के तहत SC, ST, OBC और अल…
Jharkhand News: झारखंड सरकार युवाओं को अपना रोजगार या छोटा कारोबार शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना चला रही है. इस योजना के तहत SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं को आर्थिक मदद दी जाती है. इसके जरिए पात्र लोग 50 हजार रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक का लोन लेकर अपना काम शुरू कर सकते हैं. इस योजना में लोन पर सब्सिडी का भी प्रावधान है. पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 5 लाख रुपये या लोन राशि का 40 फीसदी, जो भी कम हो, सब्सिडी के रूप में मिल सकता है. ऐसे में लाभार्थी पर लोन का पूरा बोझ नहीं पड़ता. हालांकि, योजना की वास्तविक शर्तों और सब्सिडी की गणना आवेदन के समय लागू नियमों के अनुसार होगी
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का उद्देश्य झारखंड के बेरोजगार युवाओं को खुद का काम शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है. सरकार चाहती है कि युवा नौकरी तलाशने के बजाय अपना कारोबार शुरू करें और रोजगार के अवसर भी पैदा करें. इस योजना के तहत पात्र युवाओं को अलग-अलग तरह के व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकती है
इस योजना के तहत 50 हजार रुपये से 25 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है. लोन पर अधिकतम 5 लाख रुपये या 40 फीसदी तक सब्सिडी का प्रावधान है. सब्सिडी की राशि लोन की शर्तों के अनुसार तय की जाती है. 50 हजार रुपये तक के लोन के लिए किसी तरह की गारंटी की जरूरत नहीं होती. वहीं 50,001 रुपये से 25 लाख रुपये तक के लोन के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार गारंटी देनी पड़ सकती है. 50 हजार रुपये से अधिक के लोन पर आवेदक को 10 फीसदी मार्जिन मनी खुद लगानी होती है. उदाहरण के तौर पर अगर परियोजना या लोन की राशि 10 लाख रुपये है, तो आवेदक को करीब 1 लाख रुपये अपनी ओर से लगाने होंगे. बाकी राशि योजना के नियमों के तहत बैंक से वित्तीय सहायता के रूप में मिल सकती है
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना जरूरी है. उसकी उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रहने वाले पात्र युवा इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदक के परिवार की सालाना आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा आवेदक किसी सरकारी विभाग या सरकार के अधीन आने वाले संगठन में नौकरी नहीं कर रहा हो
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का किसी बैंक का डिफॉल्टर होना भी बाधा बन सकता है. यानी जिस व्यक्ति ने बैंक का कर्ज नहीं चुकाया है और बैंक ने उसे डिफॉल्टर घोषित किया है, वह पात्र नहीं होगा, दिव्यांग आवेदकों के लिए भी योजना में प्रावधान है. ऐसे आवेदक की दिव्यांगता कम से कम 40 फीसदी होनी चाहिए. योजना की अन्य शर्तें पूरी करने वाले पात्र युवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं





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