जौनपुर। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री और जौनपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने विजयादशमी के पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कह…

जौनपुर। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री और जौनपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह ने विजयादशमी के पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और अपने भीतर मौजूद अहंकार व बुराइयों का त्याग करने का संकल्प लेने की अपील की।

मीडिया से बातचीत में कृपाशंकर सिंह ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें याद दिलाता है कि अहंकार और बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है। भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर समाज को मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि दशहरे पर रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि बुराइयों को समाप्त करने का प्रतीक भी है। प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीराम की मर्यादा, संस्कृति, सभ्यता और जीवनशैली से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अच्छे विचारों और आदर्शों को अपनाना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि लोगों को प्रतीकात्मक रावण के पुतले के साथ अपने भीतर मौजूद अहंकार, द्वेष और अन्य बुराइयों का भी दहन करना चाहिए। यही विजयादशमी के पर्व का वास्तविक संदेश है।

कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे पर कृपाशंकर सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के प्रति अधिक सतर्क और मुस्तैद रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए भीड़ का प्रबंधन और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम बेहद जरूरी हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को भी दर्शन के लिए जल्दबाजी या उतावलापन नहीं दिखाना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्थिति हादसों का कारण बन सकती है।

कृपाशंकर सिंह ने कहा कि विजयादशमी के अवसर पर श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करेंगे और रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाएंगे।

उन्होंने लोगों से पर्व को आपसी सद्भाव, मर्यादा और सकारात्मक विचारों के साथ मनाने की अपील की। विजयादशमी का संदेश यही है कि व्यक्ति अपने आचरण में सत्य, धर्म और सद्भाव को स्थान दे तथा समाज में अच्छाई और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाए।