Ganesh Temple in Bangkok:भारत के मंदिरों में देवी-देवताओं को फलों, मिठाइयों, खीर-पूड़ी, पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाया जाता है. इस समय गणेशोत्सव मनाया जा रहा ह…
Ganesh Temple in Bangkok:भारत के मंदिरों में देवी-देवताओं को फलों, मिठाइयों, खीर-पूड़ी, पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाया जाता है. इस समय गणेशोत्सव मनाया जा रहा है. ऐसे में बप्पा को भक्त उनकी पसंदीदा चीजों का प्रसाद चढ़ा रहे हैं. गणेश जी को मिष्ठान बहुत प्रिय है. उन्हें लड्डू, पेड़े, खीर तथा उकड़ीचे मोदक सबसे ज्यादा पसंद है. पर क्या आप जानते हैं दुनिया में एक ऐसा गणेश मंदिर भी है, जहां बप्पा को इन चीजों का प्रसाद नहीं चढ़ता. जी हां, बैंगकॉक के मंदिर फ्रा फिकानेट में गणपति बप्पा को चाय का भोग लगाते हैं. ये दूध वाली आम चाय नहीं बल्कि ट्रेंडिंग बबल टी है. थाईलैंड और पूरी दुनिया में इसे बोबा टी के नाम से भी जाना जाता है
बता दें कि थाईलैंड में फ्रा फीकानेट या फ्रा फीकानेशुअन, गणेश जी को इन नामों से जाना जाता है. ये भगवान के थाई नाम है. यहां बप्पा को एलीफेंट हेडड हिंदू गॉड कहा जाता है. यहां के लोगों में मान्यता है कि elephant god बुद्धि, सफलता और बाधाओं का निवारण करने वाले देवता है. हालांकि, गणेश जी के थाईलैंड और उसकी राजधानी बैंगकॉक में कई मंदिर मौजूद है लेकिन इस मंदिर की खासियत बहुत अलग है. यहां भी इस दौरान गणेश चतुर्थी का उत्सव जोरों-शोरों से मनाया जा रहा है
बैंगकॉक के इस गणेश मंदिर में गणेश जी की पूजा प्राचीन हिंदू रीति-रिवाजों के साथ थोड़ी थाई पद्धिती के अनुसार की जाती है. दोनों के मिश्रण से ही मंदिर की खासियत कई गुना बढ़ जाती है. यहां एक खास अनुष्ठान होता है, जिसे गुणक कहते हैं. इसके तहत स्थानीय मान्यता है कि यदि फ्रा फिकानेट मंदिर में मांगी गई मनोकामना पूरी हो जाती है, तो आपको ज्यादा भेंट लेकर लौटना होगा. भक्त यहां अक्सर 3 प्याले भेंट करके शुरुआत करते हैं, जो धीरे-धीरे बढ़कर 6, 12 या यहां तक कि 200 चाय के प्याले तक हो जाता है. इस मंदिर में ढेर सारे बोबा ड्रिंक्स रखे होते हैं. मंदिरों में भक्तों के लिए विभिन्न स्थानीय बोबा ब्रांड्स की ड्रिंक्स होती है, ताकि उनमें से चुनाव किया जा सके
हालांकि, ये एक लोकप्रिय मान्यता है लेकिन इस मंदिर में बोबा टी का प्रसाद एक आधुनिक युग का भोग माना जाता है. खासतौर पर बैंकॉक के शॉपिंग मॉल के बाहर भी एक गणेश मंदिर है, जहां पर लोग बोबा टी अर्पित करते हैं. बोबा टी एक स्वीट मिल्की ड्रिंक है. इस चाय में अलग-अलग फ्लेवर्स होते हैं और साथ में मोतियों जैसी मोटी गोलियां होती हैं. ये गोलियां टैपिओका यानी साबुदाने की मदद से बनाया जाता है
इस मंदिर में गणेश जी को पारंपरिक थाली का भी भोग लगाया जाता है. इस थाली में भारतीय व्यंजनों के साथ अन्य चीजों का भी प्रसाद चढ़ाया जाता है. गणेश मंदिर में साबुत कच्चा नारियल परोसा जाता है, जिसमें स्ट्रॉ डालकर दिया जाता है. इस फल को मिठास और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है. क्योंकि यहां गणेश मंदिर में उन्हें हाथी का रूप कहा जाता है. इसलिए, उन्हें आम, केले और गन्ने का भोग लगाया जाता है. दरअसल, ये हाथी का प्राकृतिक आहार होता है. इसके अलावा, उन्हें गेंदे के फूलों की माला चढ़ाई जाती है. इस माला को सौभाग्य और गौरव का प्रतीक कहा जाता है
यहां इस गणेश मंदिर में पारंपरिक भारतीय मोदक और लड्डू भी चढ़ाएं जाते हैं. इसके साथ ही रंग-बिरंगी थाई कैंडीज और थाईलैंड की मिठाइयों का भी प्रसाद लगाया जाता है. भक्त भगवान के पास अपनी प्रिय और आनंददायक वस्तुएं अर्पित करते हैं, यह मानते हुए कि भगवान भेंट की आनंदमय भावना की सराहना करते हैं
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)






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