लखनऊ, 21 सितंबर। उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता, आधुनिक तकनीक और किसानों के उत्पादों को वैश्विक मंच देने की तैयारी पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मा…

लखनऊ, 21 सितंबर। उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता, आधुनिक तकनीक और किसानों के उत्पादों को वैश्विक मंच देने की तैयारी पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में कृषि विभाग एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में अपनी प्रदर्शनी लगाएगा।

यहां देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों और आगंतुकों को यूपी की उन्नत कृषि संस्कृति, तकनीक और कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों की झलक देखने को मिलेगी।कृषि विभाग की प्रदर्शनी में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र और पौध संरक्षण रसायन से जुड़ी कंपनियां हिस्सा लेंगी। कुल 61 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें 20 एफपीओ, कृषि निवेश से जुड़ी 40 फर्म और एक सरकारी स्टॉल शामिल होगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, मंडी परिषद, कृषि विपणन निदेशालय, कृषि शिक्षा से जुड़ी संस्थाएं और कृषि उपकरण व ड्रोन निर्माता कंपनियां भी अपनी गतिविधियों और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।

ट्रेड शो में अलीगढ़, सीतापुर, वाराणसी, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, ललितपुर, मिर्जापुर, हरदोई, बुलंदशहर, प्रतापगढ़, बहराइच, इटावा, गाजियाबाद, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर और गोंडा समेत कई जिलों के एफपीओ हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी की सहभागिता भी रहेगी। इससे प्रदेश के किसानों और कृषि आधारित कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और प्रतिनिधियों के सामने अपने उत्पाद रखने का अवसर मिलेगा।प्रदर्शनी की व्यवस्थाओं और समन्वय के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (ब्यूरो/नियोजन) ए.के. सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बीज, उर्वरक, कृषि रक्षा रसायन तथा कृषि उपकरण और ड्रोन से जुड़ी कंपनियों के लिए भी अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का कहना है कि ट्रेड शो के जरिए प्रदेश के कृषि उत्पादों और तकनीक को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ प्रगतिशील किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि आगंतुकों को प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति से परिचित कराने के साथ एफपीओ, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी कंपनियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर