Strait of Hormuz: होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बना हुआ है. ट्रंप पहले ही होर्मुज पर 100 प्रतिशत कंट्रोल का दावा कर चुके हैं. वहीं ईरान लग…

Strait of Hormuz: होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बना हुआ है. ट्रंप पहले ही होर्मुज पर 100 प्रतिशत कंट्रोल का दावा कर चुके हैं. वहीं ईरान लगातार होर्मुज पर हक जता रहा है. इसी बीच ईरान ने होर्मुज में जहाजों के नियम उल्लघंन के खिलाफ नए कानूनों को मंजूरी दे दी है. यह कानून पहले से ज्यादा सख्त माने जा रहे हैं

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधानों को मंजूरी दी है. यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है और होर्मुज जलडमरूमध्य में भी स्थिति संवेदनशील है

आईआरएनए के मुताबिक, आयोग ने मंगलवार को ‘होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कार्रवाई’ नाम के विधेयक के तीन अनुच्छेदों को मंजूरी दी. प्रस्तावित कानून के तहत ईरान के समुद्री नियमों का पालन नहीं करने वाले जहाजों पर जुर्माना लगाया जा सकेगा और उनके माल का कुछ हिस्सा जब्त किया जा सकता है

आयोग के प्रवक्ता हसन गाशघावी के मुताबिक, नियम तोड़ने वाले जहाज के माल का 20 प्रतिशत तक हिस्सा जब्त किया जा सकता है या उसकी बराबर कीमत वसूली जा सकती है. इसके अलावा, जुर्माना और दूसरी कानूनी कार्रवाई पूरी होने तक ईरानी समुद्री बल उस जहाज को अस्थायी रूप से हिरासत में भी ले सकते हैं

प्रस्तावित कानून में इन नियमों को लागू करने के लिए विशेष अदालतें बनाने की भी बात कही गई है. इन अदालतों में समुद्री कानून और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के जानकार न्यायाधीश और विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे. ईरान का कहना है कि इन विशेष न्यायिक व्यवस्थाओं के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले विदेशी व्यापारिक जहाजों के लिए पहले नियम अपेक्षाकृत आसान थे और वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून, खासकर UNCLOS, पर आधारित थे. इसके तहत विदेशी जहाजों को बिना पहले से अनुमति लिए इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने की सुविधा थी और आम तौर पर उनसे कोई ट्रांजिट टैक्स या सुरक्षा शुल्क नहीं लिया जाता था. ईरान की ओर से कार्रवाई आमतौर पर दुर्घटना, समुद्री प्रदूषण या किसी गंभीर नियम उल्लंघन जैसी स्थितियों में होती थी. छोटे नियमों के उल्लंघन पर जहाज का माल जब्त करने या उसके मूल्य का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाने जैसी कोई स्पष्ट व्यवस्था पहले नहीं थी

प्रस्तावित कानून के अनुच्छेद 14 के तहत उन लोगों और संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी, जिनकी लापरवाही या किसी काम की वजह से कानून को लागू करने में देरी होती है या इसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा पाता. आईआरएनए के मुताबिक, ऐसे मामलों में ईरान के इस्लामी दंड संहिता के अनुच्छेद 19 के तहत पांचवीं श्रेणी की सजा दी जा सकती है

इस प्रावधान में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के कानूनी अधिकार को भी स्पष्ट करने की बात कही गई है. कानून को लागू कराने और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ को दी जाएगी. अनुच्छेद 15 के तहत सैन्य नेतृत्व को हर तीन महीने में कानून के लागू होने की स्थिति पर राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग को विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी. यह रिपोर्ट सीधे या रक्षा मंत्रालय के माध्यम से भेजी जा सकेगी. हालांकि, यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है