Iran US Tension:ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर हालात सामान्य होते दिख रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप के तमाम दावों के बाद अब ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री ने…

Iran US Tension:ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर हालात सामान्य होते दिख रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप के तमाम दावों के बाद अब ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री ने शांति समझौते की बात करनी शुरू कर दी है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शांति समझौता करने की इच्छा जताई. इसके बाद अब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास ने संघर्ष रोकने के लिए 7 दिन का प्लान बनाया है

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 81वां सत्र चल रहा है. इसके ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री भी अमेरिका पहुंचे हैं. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरगची ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए 7 दिन की योजना का प्रस्ताव दिया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की कोशिश की जाएगी. इसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्यापक बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव है

Iranian Foreign Minister Seyed Abbas Araghchi and his accompanying delegation attend the opening address of the 81st session of the United Nations General Assembly, delivered by UN Secretary-General António Guterres. pic.twitter.com/JYyr72qvei

अरगची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से कहा कि यह प्रस्ताव इसी साल जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MOU) की तर्ज पर तैयार किया गया है. योजना का मकसद संघर्ष को खत्म करना और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को दोबारा शुरू करना है

रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री ने कहा कि हमने मध्यस्थों के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका के समक्ष एक योजना प्रस्तुत की है कि यदि कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो सातवें दिन के अंत तक होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा और वार्ता फिर से शुरू हो जाएगी. बेहतर होगा यदि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले कोई समझौता हो जाए

इससे पहले जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ बैठक में विदेश मंत्री अरगची ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ाने के लिए अपनी शर्तें और जरूरतें साफ तौर पर बता दी हैं. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बहाल करने के लिए ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य और आक्रामक कार्रवाइयों को रोकना जरूरी है

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि वार्ता में ईरान की ईमानदार कोशिशों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. साथ ही, बातचीत के दौरान ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को भी ध्यान में रखना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा के लिए केवल ईरान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है

अरगची ने जर्मनी समेत यूरोपीय देशों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ये देश अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन और उसके दबाव बनाने वाले कदमों को नजरअंदाज कर रहे हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ईरान का रुख भी साफ किया. अरगची ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र पर लोगों का भरोसा फिर से कायम करने के लिए सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों और उद्देश्यों का पालन करना जरूरी है