एक मजबूत स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना चाहिए
बेहतर रोगी परिणामों के लिए प्रौद्योगिकी, गुणवत्ता और दयालु देखभाल का एकीकरण आवश्यक है
जयपुर, सितम्बर 2026 : मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवा का भविष्य नये अस्पतालों के निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। राज्य को पहुंच, गुणवत्ता, सामर्थ्य, आधुनिक तकनीक, कुशल मानव संसाधन और संस्थागत विश्वास को मिलाकर एक मजबूत और एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज और उनकी भलाई हर स्वास्थ्य देखभाल नीति, संस्थान, प्रौद्योगिकी और निवेश के केंद्र में रहनी चाहिए
मुख्य सचिव शनिवार को जयपुर में एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (इंडिया) नेशनल लीडरशिप समिट 2026 के समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने "अगले दशक के लिए राजस्थान की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का निर्माण" विषय पर राज्य के भविष्य के स्वास्थ्य देखभाल रोडमैप को प्रस्तुत किया।
स्वस्थ राजस्थान, विकसित राजस्थान की परिकल्पना को मजबूत करेगा
श्री श्रीनिवास ने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 का विजन प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने को विशेष प्राथमिकता देता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार, सार्वभौमिक टीकाकरण, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का विस्तार, आयुष्मान आरोग्य केंद्रों को मजबूत करना और स्वास्थ्य देखभाल में आधुनिक तकनीक का उपयोग राज्य की प्रमुख प्राथमिकताओं में से हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य भर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उच्च जोखिम वाली गर्भधारण की समय पर पहचान, उचित परामर्श और एक प्रभावी रेफरल प्रणाली के माध्यम से मातृ और नवजात स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख स्वास्थ्य देखभाल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, रिक्तियों को भरने और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की क्षमता निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है
उन्नत स्वास्थ्य सेवाएँ छोटे शहरों तक पहुँचनी चाहिए
मुख्य सचिव ने कहा कि उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार जयपुर और अन्य प्रमुख शहरों से आगे क्षेत्रीय केंद्रों और छोटे शहरों तक होना चाहिए। अस्पतालों, नैदानिक सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, आपातकालीन सेवाओं, रेफरल नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी को एकीकृत तरीके से विकसित किया जाना चाहिए। इससे मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी और स्थानीय स्तर पर कुशल रोजगार के अवसर पैदा होंगे






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