ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक चलती स्लीपर बस में आग लग गई। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है।

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक चलती स्लीपर बस में आग लग गई। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां एक चलती स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भयानक दुर्घटना में 9 यात्रियों की झुलसकर मौत हो गई है

जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा बुधवार रात करीब 12 बजे हुआ, जब 30 से अधिक यात्रियों को लेकर नोएडा से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। चलती बस में आग की लपटें उठते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि अपनी जान बचाने के लिए बदहवास यात्री बस की खिड़कियों से नीचे कूदने लगे। जेवर पुलिस के मुताबिक, इस दुखद घटना में एक महिला और 8 पुरुषों समेत 9 लोगों की जान चली गई है

सीएम योगी ने लिया हादसे का संज्ञान

इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में हुए भीषण सड़क हादसे का तुरंत संज्ञान लेते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। सीएमओ (CMO) के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों से बात कर उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के तत्काल और उचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है

एक यात्री ने घटना का खौफनाक मंजर किया बयां

घटना का खौफनाक मंजर बयां करते हुए एक यात्री ने बताया, 'मैं सो रहा था, तभी किसी ने जगाकर बस में आग लगने की बात बताई। यह सुनते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और सब बाहर भागने लगे। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी और अंदर इतना धुआं फैल चुका था कि सांस लेना और रास्ता ढूंढना मुश्किल हो गया था। उस अफरा-तफरी और घबराहट के बीच हम किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल पाए।'

चारों तरफ धुआं ही धुआं था- महिला यात्री

वहीं एक अन्य महिला यात्री ने बताया, 'मैं सो रही थी तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया। जब मैं जागी तो वहां पहले से ही बहुत भीड़ थी। मैंने अपना कोई सामान नहीं उठाया; यहां तक कि जूते भी नहीं पहने। बस अपना फोन लिया और बाहर निकल आई। इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का-मुक्की कर रहे थे। मुझे भी धक्के लगे और आखिरकार किसी ने मुझे बाहर खींच लिया। उसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं।'

उन्होंने आगे कहा, 'चारों तरफ धुआं ही धुआं था; अफरा-तफरी मची हुई थी और बाहर निकलना बहुत मुश्किल था। इतना धुआं था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। लोग अंदर दम घुटने से परेशान थे। बहुत कम लोग ही बच पाए, सिर्फ वही जो धक्का-मुक्की के बीच रास्ता बनाकर बाहर निकल सके। कई लोगों की जान चली गई। मेरे पीछे भी काफी लोग थे जो शायद बाहर नहीं निकल पाए, क्योंकि मैं खुद भी काफी देर से बाहर निकल पाई थी।'

मौके पर पहुंची फायर विभाग की टीम

बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मुस्तैदी के साथ आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन हादसे में अभी कुछ लोगों के बस के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग के अनुसार, जब तक बस के कूल डाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक अंदर जाकर तलाशी अभियान चलाना संभव नहीं है