अयोध्या: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी वक्त है, लेकिन अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट पर सियासी गतिविधियां अभी से तेज होती नजर आ रही हैं। बीजेपी के…

अयोध्या: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी वक्त है, लेकिन अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट पर सियासी गतिविधियां अभी से तेज होती नजर आ रही हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के अयोध्या दौरे के दौरान पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। वहीं, अपना दल (एस) के नेता प्रमोद सिंह ने रक्षाबंधन कार्यक्रम के मंच से गोसाईगंज सीट से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली इच्छा जाहिर कर दी। इन दोनों घटनाओं ने 2027 से पहले इस सीट की सियासत को चर्चा में ला दिया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के अयोध्या में प्रथम आगमन पर रौनाही टोल प्लाजा के पास भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व बीजेपी विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी ने किया।आयोजकों की ओर से दावा किया गया कि भारी बारिश के बावजूद करीब 10 हजार कार्यकर्ता और समर्थक स्वागत के लिए पहुंचे। बताया गया कि समर्थक करीब ढाई घंटे तक बारिश के बीच कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। हरीश द्विवेदी का करीब एक क्विंटल फूलों की माला से स्वागत किया गया, जबकि बुलडोजर से पुष्पवर्षा भी की गई।इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रति अपना उत्साह दिखाया। वहीं, NH-27 के रानीमऊ बॉर्डर पर बीजेपी विधायक रामचंद्र यादव के नेतृत्व में भी हरीश द्विवेदी का स्वागत किया गया। यहां क्रेन की मदद से करीब 101 किलो की फूलों की माला पहनाई गई।

गोसाईगंज की सियासत में दूसरी महत्वपूर्ण गतिविधि अपना दल (एस) के नेता प्रमोद सिंह की ओर से देखने को मिली। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है तो वह गोसाईगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहेंगे।प्रमोद सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अपना दल (एस) के टिकट पर चुनाव लड़ने की है। उनके करीब 25 वर्षों से आयोजित हो रहे रक्षाबंधन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी।प्रमोद सिंह ने इस आयोजन को सामाजिक एकता का मंच बताया और 2027 में बीजेपी गठबंधन की जीत के लिए काम करने की बात कही।

गोसाईगंज में इन घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल NDA के भीतर सीट बंटवारे को लेकर उठ रहा है। एक तरफ बीजेपी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ गठबंधन सहयोगी अपना दल (एस) की ओर से चुनावी दावेदारी सामने आ चुकी है।

ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि NDA इस सीट पर किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है। क्या बीजेपी अपने किसी स्थानीय चेहरे को मैदान में उतारेगी या गठबंधन के तहत अपना दल (एस) को मौका मिलेगा? टिकट के लिए अगर कई दावेदार सामने आते हैं तो संगठन किस चेहरे पर भरोसा जताएगा, यह भी अहम सवाल होगा।

गोसाईगंज में मुकाबला सिर्फ बीजेपी, सपा या अन्य दलों के बीच नहीं होगा। चुनाव से पहले उम्मीदवारों की सक्रियता और स्थानीय समीकरण भी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। सड़क, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और स्थानीय समस्याएं मतदाताओं के बीच प्रमुख मुद्दे बन सकती हैं।फिलहाल चुनाव की तारीख दूर है, लेकिन खब्बू तिवारी का शक्ति प्रदर्शन और प्रमोद सिंह की खुली दावेदारी यह संकेत जरूर दे रही है कि गोसाईगंज में 2027 की सियासी तैयारी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में कौन सा नेता अपना जनाधार मजबूत करता है और NDA किस चेहरे पर दांव लगाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।