Gorakhpur News: हौसलों की उड़ान भरेगी परी गुप्ता, केरल में राष्ट्रीय डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में करेंगी यूपी का प्रतिनिधित्व -

Gorakhpur News: कहते हैं कि सपनों को पूरा करने के लिए आवाज नहीं, बल्कि हौसले, मेहनत और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है गोरखपुर की परी गुप्ता ने। सुनने और बोलने में असमर्थ परी ने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा के दम पर बैडमिंटन की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। राज्य स्तरीय डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद अब उनका चयन उत्तर प्रदेश की अंडर-18 टीम में हुआ है। परी 12 से 18 नवंबर तक केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाली परी की उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गोरखपुर के लिए गर्व की बात है। उनके पिता ज्ञानचंद गुप्ता बढ़ई का काम करते हैं, जबकि मां शशि गुप्ता गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग, कोच के मार्गदर्शन और परी की लगातार मेहनत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर दिया है।
परी गुप्ता ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन देवरिया के वाराणसी रोड स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित तृतीय यूपी स्टेट डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में किया। एक और दो अक्टूबर को आयोजित इस प्रतियोगिता में परी ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल तक का सफर तय किया।
फाइनल मुकाबले में उन्हें सोनम चौधरी के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के बाद परी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का रास्ता खुला और उनका चयन उत्तर प्रदेश की अंडर-18 टीम में हुआ।
परी गुप्ता अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। वह 12 से 18 नवंबर तक तिरुवनंतपुरम, केरल में होने वाली राष्ट्रीय डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप के अंडर-18 एकल वर्ग में हिस्सा लेंगी।
इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। परी के लिए यह प्रतियोगिता अपनी मेहनत को बड़े मंच पर साबित करने और भविष्य में नई उपलब्धियां हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।
गोरखपुर की इस बेटी की निगाहें अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने पर हैं। उनके चयन से परिवार और खेल जगत में खुशी का माहौल है।
परी की सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष और सहयोग भी अहम है। उनके पिता ज्ञानचंद गुप्ता बढ़ई का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी मां शशि गुप्ता गृहिणी हैं।
सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने परी को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। बेटी का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतना और अब राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए चयनित होना परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है।
परी की कहानी बताती है कि परिवार का विश्वास और सही प्रोत्साहन किसी भी खिलाड़ी के सपनों को नई दिशा दे सकता है।
परी गुप्ता की इस सफलता में उनके प्रशिक्षक श्यामधर आज्ञा की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। वह स्टेडियम में उनके मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास करती हैं। लगातार मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण ने परी को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में मदद की है।
परी की उपलब्धि पर जिला क्रीड़ा अधिकारी राजेश कुमार गौड़, हैंडबॉल प्रशिक्षक दिवाकर मणि त्रिपाठी, ताइक्वांडो कोच गिरिश सिंह, एथलेटिक्स कोच पूजा सिंह, शालिनी शर्मा और लिपिक अशोक सिंह ने खुशी जाहिर की है।
गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने भी परी गुप्ता का उत्साहवर्धन किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
परी को मिला यह प्रोत्साहन उनके लिए आगे की तैयारी में उपयोगी साबित हो सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल सुविधाओं, आर्थिक सहायता और निरंतर मार्गदर्शन की भी जरूरत होती है।
परी गुप्ता की कहानी सिर्फ एक बैडमिंटन खिलाड़ी की सफलता तक सीमित नहीं है। यह उन तमाम बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा है, जिन्हें शारीरिक चुनौतियों के कारण अपनी क्षमता साबित करने के अवसर कम मिलते हैं।
परी सुन और बोल नहीं सकतीं, लेकिन बैडमिंटन कोर्ट पर उनका प्रदर्शन उनकी मेहनत और प्रतिभा को सामने लाता है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि किसी खिलाड़ी की क्षमता का आकलन उसकी शारीरिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसके कौशल, लगन और आत्मविश्वास से किया जाना चाहिए।
अब सभी की निगाहें केरल में होने वाली राष्ट्रीय डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप पर टिकी हैं। उम्मीद है कि परी गुप्ता अपने खेल से नई पहचान बनाएंगी और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
स्रोत: Filmitics
